लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेक के साथ ही महाकाली पूर्व के सभी भू –भाग नेपाल का ही है – प्रधानमंत्री
काठमांडू, असार ११ – प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने कहा है कि लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेक के साथ ही महाकाली पूर्व के सभी भू –भाग नेपाल का ही है और इसमें सरकार दृढ़ और स्पष्ट है ।
मंगलवार प्रतिनिधि सभा में परराष्ट्र मन्त्रालय के मन्त्रालय बजट पर सांसदों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का जवाब देते हुए प्रधानमन्त्री प्रचण्ड ने यह बात कही है । ‘नेपाल सरकार नेपाल–भारत का सुगौली सन्धि १८१६ अनुसार लिम्पियाधुरा, कालापानी और लिपुलेक के साथ ही महाकाली पूर्व का सब भूभाग नेपाल का है और इस बात में दृढ़ और स्पष्ट हूँ ।
उन्होंने बताया कि अपने भारत भ्रमण के क्रम में नेपाल–भारत सीमा समस्या समाधान के विषय में भारतीय समकक्षी से अपनी बात रखी थी और सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुआ था । नेपाल के सीमा के विषय में नेपालियों के बीच में अभूतपूर्व राष्ट्रीय सहमति कायम है । उन्होंने सदन में कहा कि ‘नेपाल के अन्तराष्ट्रीय सीमा के बारे में सम्मानित सदन, माननीय सदस्यों, नेपाल सरकार और हम सभी इस बात में स्पष्ट और दृढ़ हैं । इस विषय में हमारी अभूतपूर्व राष्ट्रीय सहमति कायम हुई है ।’ इसका उदाहरण २०७७ असार ४ गते संविधान संशोधन द्वारा नए नक्शे के साथ अद्यतन किया जा रहा है ।
लेकिन, नए नक्शे के अनुसार इस भू भाग में नेपाल का भोगाधिकार स्थापित नहीं होने को लेकर प्रश्न उठता आया है । इसके जवाब में प्रधानमन्त्री प्रचण्ड ने कहा कि नेपाल–भारत दो पक्षीय संयक्र क्रियाशिल कर समस्या का समाधान के लिए पहल किया जा रहा है ।


