जनकपुर के पाँच युवक के हत्यारा पर कारबाई करने की मांग
कैलास दास,जनकपुर, पुस ३ । जनकपुर से राज्य द्वारा बेपत्ता किया गया पाँच युवा पर हत्या प्रमाणित होने के बाद भी दोषी उपर कर्रवाही नही किया गया एक कार्यक्रम में सहभागीयोम ने चिन्ता व्यक्त की है ।
बि.सं.२०६० असोज २१ गते जनकपुर का संजीव कुमार कर्ण, दुर्गेश लाभ, जितेन्द्र झा, प्रमोद नारायण मण्डल, शैलेन्द्र यादव को बेपत्ता कर हत्या किया गया था । सभी का शव कमला नदी के किनार में गडा दिया था । शव उत्खनन कर परीक्षण भी किया गया । लेकिन दोषी उपर कार्रवाही नही होने पर सहभागी ने मुद्दा चलाने के लिए दवाव सृजना कीया है ।
एडभोकेसी फोरम नेपाल का संस्थापक मन्दिरा शर्मा ने हत्या सम्बन्ध में विभिन्न संस्था द्वारा तैयार किया गया विवरण सहित आधारपत्र प्रस्तुत की थी । आधारपत्र सम्बन्ध में छलफल के उद्देश्य से जनकपुर में गुरुवार अन्तरक्रिया कार्यक्रम किया गया था ।
उन्होने कहा जनकपुर के हत्या काण्ड का दोषी उपर कार्रवाही करने के लिए राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग को सक्रियता देखना आवश्यक है । मानव अधिकारवादी एवं राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग का पूर्व सदस्य सुशिल पोखरेल ने जनकपुर का पाँच और बाँकी दो जम्मा ७ युवा के हत्या में संलग्न उपर कार्रवाही होने पर ही न्याय का आशा जागृत होगा ।
२०१५ में जेनेभा मेें होनेवाला संयुक्त राष्ट्र संघ का मानव अधिकार सम्मेलन में जनकपुर के हत्या काण्ड का प्रतिवेदन पेश किया जाऐगा उन्होने कहा । कार्यक्रम में एडभोकेसी फोरम का धनुषा संयोजक राजकुमार महासेठ, जननकपुर नागरिक समाज का अध्यक्ष मूरली मनोहर मिश्र, मानव अधिकारवादी विजय दत्त, रामचन्द्र साह, अञ्जु देवी दत्त, नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषा का पूर्व अध्यक्ष रामअशिष यादव, केन्द्रिय पार्षद अजय कुमार झा, केन्द्रिय सदस्य अजय अनुरागी मिश्र, घनश्याम मिश्र सहित का व्यक्तिओं ने सुझाव दिया था ।

