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सभापति रवि लामिछाने और प्रधानमंत्री कार्की बीच हुई मुलाकात

 

काठमांडू, चैत्र ८ – राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सभापति रवि लामिछाने ने आज प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से शिष्टाचार मुलाकात की है । आज की यह मुलाकात प्रधानमंत्री के सरकारी निवास बालुवाटार में हुई । सभापति लामिछाने ने प्रधानमंत्री कार्की के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्वाचन सम्पन्न होने और देश को शांतिपूर्ण निकास मिलने पर बधाई दी।
उन्होंने कहा, “समय पर निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न होकर देश ने एक सहज और लोकतांत्रिक निकास प्राप्त किया है। यह सामान्य बात नहीं है। इस सफलता के लिए मैं सम्माननीय प्रधानमंत्री, आपके मंत्रिपरिषद् और सचिवालय टीम को बधाई और धन्यवाद देना चाहता हूँ।”

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उन्होंने आगे कहा, “आपकी दृढ़ता और अडिगता के कारण ही देश को यह निकास मिला है। पिछले किसी भी चुनाव की तुलना में अधिक शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और गुणस्तरीय चुनाव संभव हुआ है। छोटे दल और कम समय में आपने जिस तरह दुनिया को चकित करते हुए चुनाव सम्पन्न कर देश को लोकतांत्रिक निकास और सुरक्षित अवतरण दिलाया है, वह सराहनीय है। इसके लिए आपके प्रति हमारा उच्च सम्मान है। आपका यह योगदान देश हमेशा याद रखेगा, और हम भी इसे स्मरण करते रहेंगे। आने वाले दिनों में भी आपके निरंतर मार्गदर्शन और अभिभावक की भूमिका की अपेक्षा है। आपके अनुभव और मार्गदर्शन की देश और हमारी सरकार को अभी भी आवश्यकता होगी।”
प्रधानमंत्री कार्की ने रास्वपा को चुनाव में मिली सफलता के लिए बधाई देते हुए एकजुट होकर देशवासियों को निराश न करने की सलाह दी।

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उन्होंने कहा, “इस समय देश पीड़ा में है। देशवासियों की युवाओं से बड़ी अपेक्षाएँ हैं। आपको देश के चेहरे पर मुस्कान लानी होगी। चुनौतियाँ बहुत हैं, लेकिन संतुलित तरीके से आगे बढ़ना होगा। ईमानदारी से काम करने पर अपेक्षित परिणाम अवश्य मिलते हैं।
मुलाकात के दौरान समसामयिक राजनीतिक विषयों पर भी चर्चा हुई। सभापति लामिछाने ने स्पष्ट किया कि इस सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों पर उनकी और उनकी पार्टी की ओर से कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा, “सरकार, सरकार ही होती है। अपने अंतिम दिन तक उसे काम करने का अधिकार है। इस सरकार के निर्णयों पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। बल्कि इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी को पूरा करने वाली सरकार के प्रति हमारा उच्च सम्मान है। इसलिए हम इसके कदमों का समर्थन करेंगे और इसके निर्णयों को स्वीकार करेंगे।”

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