हवाई ईंधन की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि के कारण हवाई सेवाएं बंद करने की स्थिति
आंतरिक उड़ान संचालित कर रही निजी एयरलाइंस कंपनियों ने कहा है कि हवाई ईंधन की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि के कारण उन्हें अपनी सेवाएं बंद करने की स्थिति आ गई है।
संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री खड्कराज पौडेल को पत्र लिखते हुए वायुसेवा संचालक संघ ने एयरलाइंस कंपनियों को राहत और रियायत देने की मांग की है।
संघ द्वारा लिखे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि विश्वभर में फैले कोरोना वायरस, 23 और 24 भदौ के जेनजी आंदोलन तथा वर्तमान में मध्यपूर्व (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध के कारण हवाई ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।
ईंधन की कीमत बढ़ने के साथ ही सदस्य एयरलाइंस कंपनियों की उड़ान लागत भी अत्यधिक बढ़ गई है और नेपाल आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
इन परिस्थितियों के कारण एयरलाइंस कंपनियां प्रतिदिन गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं और उन्हें अपनी सेवाएं बंद करने की नौबत आ गई है। कंपनियों ने बताया कि संचालन लागत में ईंधन का हिस्सा अब 55–60 प्रतिशत तक पहुंच गया है और कारोबार में भी भारी गिरावट आई है।
एयरलाइंस कंपनियों ने नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण द्वारा लिए जाने वाले विभिन्न शुल्क—जैसे लैंडिंग, पार्किंग, नेविगेशन, हाउसिंग और किराया आदि—में वर्तमान संकट की स्थिति को देखते हुए 50 प्रतिशत तक छूट देने की मांग की है।
इसके अलावा, उन्होंने हवाई अड्डा सेवा शुल्क नियमावली में संशोधन कर दरें कम करने की भी मांग की है। एयरलाइंस कंपनियों ने यह भी अनुरोध किया है कि उन्हें विशेष उद्योग के रूप में मान्यता देते हुए आयकर अधिनियम के तहत 20 प्रतिशत तक की कर छूट दी जाए।
वर्तमान में नागरिक उड्डयन प्राधिकरण द्वारा शुल्क अमेरिकी डॉलर में वसूला जा रहा है, जिसे नेपाली रुपये में निर्धारित करने की भी मांग की गई है।


