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बालिकाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर सीजप ने जताई चिंता

 

काठमांडू।

बालबालिका शांति क्षेत्र राष्ट्रीय अभियान (सीजप) ने नेपाल में बालिकाओं और किशोरियों के साथ बढ़ रही बलात्कार, यौन उत्पीड़न, हिंसा और ऑनलाइन हिंसा की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

सीजप ने बारा जिले के सिमरा में तीन वर्षीय बालिका गरिमा चौधरी के साथ बलात्कार के बाद हुई हत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सरकार से मामले की निष्पक्ष और शीघ्र जांच कर दोषियों को कड़ी कानूनी सजा देने की मांग की है।

संगठन ने सरकार से पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ निःशुल्क कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोसामाजिक परामर्श उपलब्ध कराने की भी अपील की है। साथ ही यह भी कहा कि हर बच्चे को घर, विद्यालय, सार्वजनिक स्थानों और ऑनलाइन माध्यमों में सुरक्षित वातावरण में जीने का अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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सीजप ने बालकों के खिलाफ होने वाली हिंसा, यौन शोषण और बलात्कार जैसे मामलों की प्रभावी जांच के लिए उच्चस्तरीय समन्वय तंत्र या राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग के गठन की मांग भी की है। संगठन ने स्थानीय निकायों और विद्यालयों के माध्यम से बाल अधिकार, कानूनी साक्षरता और अभिभावक शिक्षा को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया।

संगठन ने मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से पीड़ित बच्चों की गोपनीयता और सम्मान के अधिकार का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उसने आग्रह किया कि पीड़ित बच्चों की पहचान उजागर करने वाली तस्वीरें, नाम या अन्य व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न की जाए तथा घटना से जुड़े वीभत्स दृश्य सोशल मीडिया पर साझा या प्रसारित न किए जाएं।

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सीजप ने अपने बयान में कहा, “बालकों के खिलाफ हिंसा का अंत करना राज्य और समाज की साझा जिम्मेदारी है। प्रत्येक बच्चे को भय, हिंसा और दुर्व्यवहार से मुक्त, सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमापूर्ण वातावरण में जीने का अधिकार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”

सीजप के अध्यक्ष तिलोत्तम पौडेल और महासचिव राजु घिमिरे द्वारा जारी विज्ञप्ति में संबंधित निकायों से ऐसे मामलों की प्रभावी निगरानी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

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