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सनसनीखेज घटना : दो सहेलियों ने जहर के प्याले के साथ सेल्फी ली, फिर आत्महत्या कर ली

 

नई दिल्ली: पहले जहर के प्याले के साथ सेल्फी ली. फिर एक साथ जहर पीकर दोनों सहेलियों ने आत्महत्या कर ली. यह सनसनीखेज घटना मंगलवार को विजय नगर थाना एरिया के गुरु नगर में सामने आई है. इनके पास से सुसाइड नोट भी मिले हैं, जिनमें दोनों ने जिंदगी से परेशान होने की बात लिखी है.

विजय नगर टीआई एसके दास के अनुसार, दोनों सहेलियां दो मंजिला मकान की पहली मंजिल पर एक फ्लैट में रहती थीं. इनकी पहचान रचना चौधरी (27) व तन्वी वास्कले (25) के रूप में हुई. रचना धार की व तन्वी बड़वानी जिले के गोमिया बलखड़ गांव की रहने वाली थी. इनके पास से मिले सुसाइड नोट में 27 अगस्त की तारीख है. इसे देखते हुए पुलिस का मानना है कि 27 की देर रात या 28 की प्रातः काल इन्होंने आत्मघाती कदम उठाया.

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पुलिस ने उनके फ्लैट से प्याले, प्लेट, डायरी, सुसाइड नोट, कुछ बोतलें और उनके मोबाइल को भी जब्त किया है. उन्होंने वॉट्सएप के मैसेज, आने-जाने वाले कॉल की लिस्ट सहित अन्य जानकारियां डिलीट कर दी थी. हालांकि फोटो जरूर मिले हैं जो दोनों ने आत्महत्या से पहले लिए थे. दोनों ने जाम की तरह जहर के प्याले टकराते हुए फोटो लिए. एक-दो फोटो में उनके आंसू भी दिखाई दे रहे हैं.

दो दिन से नहीं उठा रही थी फोन, साथी कर्मचारी घर पहुंचे तो हुआ आत्महत्या का खुलासा

रचना फाइनेंस कंपनी के कॉल सेंटर में कार्य करती थीं तो तन्वी कैटरिंग का कार्य करती थी. रचना के साथी कर्मचारी भूपेंद्र ने बताया कि दो दिन से रचना फोन नहीं उठा रही थी. हमें लगा कि उसकी तबीयत बेकार है. हम उसके घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था. आसपास वालों ने बताया कि रविवार से उन्होंने दरवाजा नहीं खोला. मामला गड़बड़ देख मकान मालिक को फोन किया.

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मकान मालिक का बेटा पहुंचा. उसके बाद आत्महत्या का पता चला. कर्मचारियों ने बताया कि रचना के ज़िंदगी में परेशानियां तो थीं, लेकिन वह सामान्य थी. आठ-दस दिन से तो वह खुश थी. उसकी बातों से कभी ऐसा नहीं लगा कि वह इस तरह का कदम उठा लेगी. फेसबुक पर उसके जितने भी अपडेट रहते थे. वह दुख और मायूसी भरे रहते थे.

पति से नफरत करती हूं, सुहागिन की तरह विदा मत करना

पुलिस के मुताबिक, रचना शादीशुदा थी. उसका छह वर्ष का युग नाम का एक बेटा भी है, जो धार में नाना-नानी के यहां रहता है. उसका देवास में रहने वाले पति से तलाक को लेकर केस चल रहा था.दोनों चार वर्ष से अलग हैं. उसके पास से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है- मैं जिंदगी से परेशान हो चुकी हूं. मैं खुद अपनी आत्महत्या की जिम्मेदार हूं. पति (अशोक) से नफरत करती हूं.मैं मरकर भी नहीं मर सकती. मेरी डेड बॉडी को उसे हाथ भी मत लगाने देना.

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मेरा अंतिम संस्कार सुहागिन की तरह मत करना. युग को माता-पिता की परवरिश की आवश्यकताहै. इसलिए हम उसकी परवरिश अच्छा से नहीं कर पाते. आप लोग (नाना-नानी) उसका ध्यान रखना व माता-पिता की तरह उसकी परवरिश करना. वहीं तन्वी ने एक पेज के सुसाइड नोट में बहनों के लिए लिखा है- मैं जिंदगी से थक चुकी हूं. आत्महत्या की मैं खुद जिम्मेदार हूं. किसी को परेशान ना किया जाए. आप लोग अपना ध्यान रखना .Poorvanchal Media Group.

 

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