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बर्फी ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए भारत की ओर से भेजी जा रही है

 

अनुराग बसु ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक ‘बर्फी’ में उनके लिए ढेर सारी खुशियां छुपी हुई हैं। बर्फी का स्वाद आम आदमी से लेकर तो फिल्म क्रिटिक्स तक को अच्छा लगा। फिल्म के बॉक्स ऑफिस के आंकड़ें बता रहे हैं कि फिल्म सफल हो गई है और सोने पर सुहागा वाली बात ये कि फिल्म 85वें ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में भारत की ओर से भेजी जा रही है।

19 फिल्मों को मात देकर बर्फी ने यह दर्जा हासिल किया और विद्या बालन की ‘कहानी’ से इसका कड़ा मुकाबला था। अनुराग ईमानदारी से इस बात को स्वीकारते हैं कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बर्फी ऐसा कमाल दिखाएगी।

ऑस्कर अवॉर्डस के लिए भारत से भेजे जाने की घोषणा होते ही ‘बर्फी’ के वितरकों और निर्माताओं को आशा बंधी है कि फिल्म के कलेक्शन बढ़ जाएंगे। कई सिनेमाघर मालिकों ने कहा कि वे तीसरे हफ्ते में इस फिल्म के शो की संख्या में ज्यादा कमी नहीं करेंगे।

बर्फी की कहानी यदि कागज पर लिखी जाए तो ये अति सामान्य है। इस कहानी को लेकर यदि किसी निर्माता के पास जाया जाए तो इस बात की संभावना ज्यादा है कि वह इस कहानी पर पैसा लगाने से मना कर दे।

यह एक सामान्य प्रेम कहानी है और खास बात सिर्फ इतनी है कि हीरो गूंगा है। एक हीरोइन का दिमाग उसके उम्र के अनुरूप नहीं है और दूसरी हीरोइन सामान्य है। इन किरदारों के इर्दगिर्द प्रेम कहानी का जाल बुना गया है। 70 के दशक का माहौल भी फिल्म को एक अलग किस्म की फील देता है।

बर्फी को खास बनाता है इसका असाधारण प्रस्तुतिकरण। फिल्म में कई फ्लेशबैक्स का इस्तेमाल किया गया है। कई सीन अधूरे छोड़ दिए गए हैं जिन्हें कुछ समय बाद पूरा किया गया है। अनुराग कहते हैं कि यही तो इस फिल्म का मजा है। यदि वे सीधे-सीधे इस कहानी को परदे पर उतार देते तो देखने का मजा चला जाता।

अनुराग ने यही प्रयोग ‘काइट्स’ में भी किया था, लेकिन उस समय इसकी काफी आलोचना की गई थी। काइट्स की सामान्य कहानी को अनुराग ने अपने तरीके से पेश किया था। अनुराग चाहते हैं कि उनकी फिल्म देखने आया दर्शक अलर्ट रहे और उसे देखे गए सारे सीन याद होना चाहिए तभी उसका मजा वह ले सकता है।

कहानी के मामले में बर्फी में ज्यादा नयापन नहीं है, लेकिन उसके अनोखे किरदार, दमदार प्रस्तुतिकरण और शानदार अभिनय ही ऑस्कर अवॉर्ड के निर्णायकों को आकर्षित कर सकता है। रणबीर कपूर के किरदार में चार्ली चैप्लिन की झलक भी इसकी खासियत है।

फिल्म के हीरो रणबीर कपूर खुश हैं कि उनकी फिल्म को ऑस्कर अवॉर्ड के लिए भेजा जा रहा है और इस मामले में वे आमिर खान से सलाह लेने वाले हैं।

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