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आम सहमति नही होने पर भी पूर्ण बजट लाया जायेगा ।

 

काठमांडू: सत्तारूढ़ दलों UCPN एम और UDMF ने आपस में निर्णय किया है कि आम सहमति नही होने पर भी पूर्ण बजट लाया जायेगा ।
वजट लाने के सरकार के कठोर रुख के खिलाफ विपक्षी दलों  एक महीना के लंबे आन्दोलन की घोषणा के केवल कुछ ही घंटों के बाद सरकार ने  राजनीतिक सहमति के बिना भी बजट लाने के लिए अपने मन बना लिया है ।

उधर विरोधी दलों व्दारा बजट अध्यादेश को अस्वीकार करने के लिये राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया है, जिस पर शीतल निवास आगे की योजना बना रहा है ऐसी स्थिति मे सरकार के लिए बजट लाने में बहुत बडा समस्या प्रतीत हो रहा है ।
आज बलुआटार में प्रधानमंत्री के सरकारी निवास पर संघीय लोकतांत्रिक रिपब्लिकन गठबंधन (FDRA) के सदस्यों व्दारा बैठक करके  अगले दो दिनों मे बजट पर विपक्षी दलों के साथ सहमति के लिये बातचीत को तेज करने का फैसला किया गया है और अगर कोई समझौता नहीं हुआ तब राजनीतिक दलों की सहमति के बिना ही बजट लाया जाएगा ।

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इससे पहले FDRA ने सरकार को निर्देश दिया था कि अगर पार्टियों के बिच आम सहमति नही भी हुइ तब भी सरकार पूर्ण बजट लाने का ही तैयारी करे।

, “अगर अगले दो दिनों में आम सहमति नहीं हुइ तब भी सरकार बजट ही लायेगी यह बात प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई के सलाहकार देवेन्द्र पौडेल बतायी ।

सत्तारूढ़ दलों ने दोहराया है कि पूर्ण बजट मध्य नवंबर तक लाना अनिवार्य है । लेकिन विपक्षी दलों ने कहा है कि सरकार को अध्यादेश के जरिए बजट लाने के लिए कोई नैतिक अधिकार नही है ।

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मौजूदा आंशिक बजट मध्य नवंबर में समाप्त हो रहा है।

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