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नेपालगंज में माता बाँगेश्वरी को ५ हजार से अधिक खसी (बोका) मुर्गा की बली दी गई

 

नेपालगन्ज,(बाँके) पवन जायसवाल, बाँके जिला के नेपालगन्ज के बीच में प्रसिद्घ माता बाँगेश्वरी में घटस्थापना कीे आठवीं दिन असोज १९ गते आइतवार को माता बाँगेश्वरी वाँगेश्वरी मन्दिर में महाअष्टमी के अवसर पर पञ्चवली देकर सुबह भब्य पूजापाठ किया और ५ हजार से अधिक खसी (बोका) मुर्गा की बली दी गई ।
जिला प्रशासन कार्यालय बाँके लगायत बाँके जिला के सुरक्षा निकायों ने माता बाँगेश्वरी मन्दिर में सुबह पञ्चवली चढाकर पूजापाठ किया ।
पञ्चवली चढाने के बाद में सर्वसाधारण लोगों ने भी अपनी अपनी भाकल अनुसार बोका (खसी औ मुर्गा की वली देकर पूजापाठ किया । रात्री १ बजे से खसी (बोका) और मुर्गा की बली देने के लिये भक्तालुओं ने लाईन में लगे थे । वह लाईन बाँके जिला के नेपालगन्ज की धम्बोझी चौक, सुर्खेत रोड और घरवारी टोल पीपल चौतारा से लेकर माता बाँगेश्वरी मन्दिर तक लगभग १ किलो मीटर की लम्बी लाइन में दूर दूर से भक्तालुओं ने लाईन में लगे थे ।
असोज १९ गते को हिन्दू धर्मालम्वीयों ने माता बाँगेश्वरी मन्दिर में वली चढाने के लिये बाँके लगायत पडोस के जिला जिला बर्दिया, दाङ, सल्यान, सुर्खेत, जाजरकोट, दैलेख लगायत से और मित्र राष्ट्र भारत के बहराइच, गोण्डा, लखीमपुर खिरी, लखनऊ, नानपारा, दिल्ली, सीतापुर लगाायत विभिन्न जगह से भी श्रद्धालु भक्तजनों ने बली चढाने के लिये माता बाँगेश्वरी मन्दिर में आये थे ।
रात्री १ बजे से ही लाईन में लगकर अपनी बारी कब आयेगी इन्तजार में हूँ बताया । इसी तरह जाजरकोट से आये हुये श्रद्धालु इलम शाही । उन्हों ने कहा देर करके बली चढाने की चलन से सर्वसाधारणों को कठिनाई हुई है बताया ।
इसी तरह बाँके जिला के सीतापुर से आये हुये मोहनलाल घर्तीमगर ने कहा कि मैं ३ बजे से ही लाईन में बैठा हूँ बताया । उन्हों ने कहा मेरा बेठा बिदेश गया है वो अच्छा अच्छा से रहे कहकर माता बाँगेश्वरी मन्दिर में (खसी) बोका चढाने के लिये आया हूँ बताया ।
अइसे ही बाँके जिला जानकीगावँपालिका वार्ड नं. ५ बेलहरी से से सीता गिरी ने कही अपने २ भतिजा बिदेश गयें है वो लोग अच्छे रहें कहकर माता वाँगेशवरी मन्दिर में खसी (बोका) चढाने के लिये आयी हूँ बतायी ।

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इसी तरह जाजरकोट जिला सुवानाउली से आये जयनन्द न्यौपाने ने भी कहा हमारे बेटा का नौ ग्रह ठीक रहे और पढाई लिआई में अच्छा हो कहकर भाकल करके वागेशवरी मन्दिर में खसी (बोका) चढाने के लिये आया हूँ बताया ।
माता वाँगेश्वरी मन्दिर में नव दुर्गा अवधी भर खसी (बोका) मुर्गा (कुखुरा) चढाकर अपने मन की ईच्छा परी होती है इस लिये भाकल करके अपनी ईच्छा अनुसार की मुरादें मिलती है धार्मिक मान्यता रही है ।

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और दिनों से अधिक माता वागेश्वरी मन्दिर में अष्टमी के दिन भक्तालु श्रद्धालुओं की भीडभाड लगती है इस के साथ साथ अधिक संख्या में वली चढाने की प्रचन भी रही आयी है । अष्टमी के दिन माता वागेश्वरी मन्दिर में ५ हजार से अधिक खसी (बोका) और मर्गा (कुखुरा) की बली चढाया गया ।

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