Sun. May 17th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

होटल दियालो लॉर्ड्स द्वारा मंत्री को प्रभावित करके, चार तारे प्रमाण हासिल करने का दुष्प्रयास

 

रेयाज आलम । बीरगंज, कार्तिक २८ गते, विहिवार ।बीरगंज के चर्चित होटल दियालो लर्डस का निर्माण कानुन विपरित होने का खुलासा हुआ है। नियम कानुन का उलंघन करके होटल दियालो प्रा.लि. ने स्वीकृत नक्शा के विपरीत निर्माण करने का खुलासा हुआ है। नेपाली काग्रेस के पुर्व सांसद अनिल रुगंटा द्वारा संचालित होटल दियालो का निर्माण बेसमेन्ट से लेकर आठवाँ तल्ला तक का निर्माण, स्वीकृति नक्शा का उल्लंघन करके बना है।

बीरगंज महानगरपालिका से स्वीकृत नक्शा का उल्लंघन करके नियम कानुन विपरित निर्माण का छानबीन हो रहा है। महानगरपालिका से होटल निर्माण कार्य सम्पन्नता का प्रमाणपत्र लिए बिना होटल संचालन में आना गंभीर रहस्य और छानविन का बिषय है। बीरगंज महानगरपालिका के नक्शा शाखा के प्रमुख इन्जिनियर राजेश चौरसिया द्वारा महानगरपालिका में प्रस्तुत किए प्रतिवेदन में सभी तल्ला में दक्षिण तर्फ के स्वीकृत नक्शा से अलग निर्माण किया गया है। महानगरपालिका ने होटल दयालु के अबैध निर्माण छानविन आदेश अनुसार इन्जियर राजेश चौरसिया ने स्थलगत निरिक्षण प्रतिवेदन में होटल के उत्तर तर्फ नाला का जमीन अतिक्रमण करके निर्माण होने का उल्लेख है।

यह भी पढें   पूर्व मुख्य पार्षद के आवास पर मनाई गई वट सावित्री पूजा

जगदम्बा ग्रुप से व्यापारिक साझेदारी करके अनिल रुंगटा बहुत कम समय मे अर्बपति व्यापारी के रूप में पहचान बनाने में सफल हुए, उन्होंने पुर्व प्रधानमंत्री एवम नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा द्धारा होटल दियालो लॉर्ड्स का उद्घाटन करवाया था। नेपाली काँग्रेस के पुर्व सभासद और व्यापारी अनिल रुंगटा ने पर्यटन विभाग के महानिर्देशक से लेकर महाशाखा के निर्देशक को अनावश्यक दबाब और चेतावनी देने की बात भी उजागर हुई है।
विभाग के जिम्मेवार अधिकृत ने बताया कि काँग्रेस पार्टी के सभापति शेरबहादुर देउवा से नजदीक सम्बन्ध के बल पर पर्यटन मन्त्री योगेश भट्टराई को प्रभावित करके होटल को फोर स्टार होटल का प्रमाण लेने के लिए नाजायज़ प्रयास हो रहा है।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 17 मई 2026 रविवार शुभसंवत् 2083

सरकार ने फोर स्टार ( चार तारे) होटल के लिए तय किए मापदंड अनुसार औसत क्षमता के बाहर पोखरी होनी चाहिए, डाक्टर और नर्स के सेवा के लिए अलग कमरे होने चाहिए, सेवा और उत्पादन क्षेत्र के ७५ प्रतिशत कर्मचारी मान्यता प्राप्त संस्था से तालीम प्राप्त होने चाहिए, कम से कम ८० कमरे होने चाहिए, बाथरुम सहित कमरे का साइज २३० वर्गफीट होना चाहिए, धुम्रपान निषेधित कमरों का व्यवस्था होना चाहिए, कमरे के भीतर शत प्रतिशत थर्मोस्ट्याटस का व्यवस्था होना चाहिए, १० प्रतिशत स्वीट रुम का व्यवस्था होना चाहिए लेकिन उक्त होटल में सरकार द्वारा तय मापदंड अनुसार व्यवस्था नही है और महानगर से निर्माण सम्पन्न प्रमाण पत्र भी नही मिला है।।

यह भी पढें   जनता की सोच अनुसार नहीं है नीति तथा कार्यक्रम – पद्मा अर्याल

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *