राहत काण्ड में फंसा लाहान, सडे हुए आलु और चावल पर बबाल
मनोज बनैता, लाहान, ४ बैशाख ।
राहत के मुद्दे को लेकर लाहान नगरपालिका कुछ दिन से देशब्यापी रुप से सुर्खियों में है । पालिका द्वारा वितरण किए गए चावल और आलु काे सडा हुआ बता कर स्थानीयवासी वापस कर रहे हैं । लहान नगरपालिका द्वारा राहत में बाँटा गया खाद्यान्न पूरी तरह खाने योग्य नहीं है यह बराप विपन्न वर्ग और दलित लगा रहे हैं इसी कारण से वाे राहत सामग्री वापस कर रहे हैं। राहत के रुप में वितरण किए गया चावल वडा नम्बर २० के दलित परिवार ने बुधबार वडा कार्यालय में जाकर वापस कर दिया है । लहान– २० ब्राह्मण गाँव की ४१ वर्षीया अनिता चौधरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से कुछ हो ना हो पर राहत में बाँटा गया चावल खाकर बीमार होना तय है इसलिए हम वापस करने के लिए आए हैं । वडा नम्बर २० की ३७ वर्षीया लीलादेवी राम और ४६ वर्षीय भिखन राम ने भी चावल वडा कार्यालय में वापस करने की जानकारी दी । उनलोगों ने कहा कि चावल का भात इतना बद्बुदार है कि खाया नहीं गया ईसिलिए हमने वापस किया है । उसीतरह लिला देवी ने भी चावल वापस कर दिया है । वडाध्यक्ष गणेशकुमार चौधरी के अनुसार बाँटे हुवे दिन से ही शिकायत आरही है । उन्होंने कहा कि तत्काल पहचान किए गए चार साै ६० घर दलित, गरीब मध्ये बुधबार तक तीन साै २३ घरधुरी को राहत दिया गया है ।
चौधरी ने कहा कि राहत लेकर गए अधिकान्स लोग चावल के गुणस्तर के बारे में शिकायत कर रहे हैं । नगरपालिका ने लहानस्थित खाद्य व्यवस्था तथा व्यापार कम्पनी लिमिटेड (खाद्य संस्थान) से ६६ लाख ७४ हजार दाे साै ५० रुपैयाँ मे एक हजार ६ साै क्विन्टल चावल खरीदा था । इसी तरह राहत में बाँटा गया आलु भी पुरी तरह सड गया था । सडे हुवे आलु के कारण वडा कार्यालय पुरी तरह दुर्गन्धित हाे रहा था । राहत के लिए नगरपालिका द्वारा २० किलो चावल, एक किलो दाल, एक किलो नमक, चार किलो आलु, एक लीटर तेल, साबुन बाँटा जा रहा है ।


