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अध्यादेश औचित्यहीन और संवैधानिक भावना विपरितः राप्रपा

 

काठमांडू, २१ अप्रील । राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) ने कहा है कि सरकार द्वारा जारी दो अध्यादेश औचित्यहीन और संविधान विपरित है । सोमबार राष्ट्रपति द्वारा जारी राजनीतिक दल और संवैधानिक परिषद् संबंधी अध्यादेश के संबंध में राप्रा अध्यक्ष त्रय कमल थापा, पशुपति शमशेर जबरा और प्रकाशचन्द्र लोहनी की ओर से एक विज्ञप्ति जारी करते हुए राप्रपा ने कहा है– ‘कोभिड–१९ महामारी विरुद्ध पूरा देश को एकजुट होना चाहिए, लेकिन ऐसी ही अवस्था में अनाश्यक और संविधान के भावना विपरित है ।’
राप्रपा को कहना है कि राजनीतिक दल संबंधी अध्यादेश दल विभाजन को प्रोत्साहित करेगी, जिसके चलते राजनीतिक अस्थिरता बढ़ेगी और प्रजातन्त्र ही संकट में पड़ जाएगी । संवैधानिक परिषद् संबंधी अध्यादेश में राप्रपा को कहना है कि उक्त अध्यादेश प्रजातान्त्रिक मूल्य–मान्यता के ही विपरित है, शक्ति पृथकीकरण और शक्ति सन्तुलन को कमजोर बनाकर स्वेच्छाचारी शासन संचालन हो सकती है ।
राप्रपा ने कहा है– ‘संभावित राजनीतिक अस्थिरता और प्रजातान्त्रिक भविष्य के ऊपर गम्भीर संकट आने की संभावना है, इसको दृष्टिगत कर उक्त दो अध्यादेश वापस करने के लिए सरकार और नेकपा से आग्रह किया जाता है ।’

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