नेपाल के लिए कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक है, ओली–प्रवृत्तिः डा. भट्टराई

काठमांडू, २५ अप्रील । जनता समाजवादी पार्टी के नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि नेपाल के लिए कोरोना वायरस से अधिक खतरा ‘ओली–प्रवृत्ति’ है । अपने फेशबुक पेज में प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है । इस प्रवृत्ति को सदा के लिए अंत करने के लिए भी उन्होंने आवह्वान किया है ।
नेता भट्टराई ने भष्मासुर, हिटलर, स्टालिन और चाउचेस्कु में रहे चरित्र के साथ प्रधानमन्त्री ओली को तुलना किया है । ओली को भ्रष्मासुर के साथ तुलना करते हुए उन्होंने कहा है कि नेपाली जनता और नेकपा पार्टी से प्राप्त वरदान के बल पर वह सत्ता में पहुँचे है, सत्ता में पहुँचते ही सत्ता का चरम दुरुपयोग करते हुए पार्टी के नेता, सांसद्, विपक्षी दल, मीडिया, नागरिक अभियान्ता और आम जनता की शर पर हाथ रखते हुए उन्होंने आतंकित किया है ।
स्टालिन के साथ तुलना करते हुए उन्होंने कहा है– ‘झापा आन्दोलन के कारण १४ साल जेल जीवन व्यतिथ किया, सत्ता प्राप्त करते ही उसी जीवन को भजाकर निरंकुशता लाद रहे हैं । पार्टी के भीतर रहे हो या बाहर रहे, विविध प्रकार का दमन, स्वेइच्छाचारी चरित्र और हावादारी विकास का सपना उनका चरित्र है । गलत नीति अवलम्बन के कारण देश में चरम बेरोजगारी सिर्जना कर आर्थिक संकट में देश को ड़ाल दिया है, कोरोना–संकट के समय में भी पार्टी विभाजन में लगकर चरम गैरजिम्मेवारी और असंवेदनशीलता प्रस्तुत किया है ।’
अन्ततः उन्होंने निष्कर्ष में कहा है– ‘अति का परिणम खती है । इसीलिए जितना जल्दी हो सके सभी राजनीतिक पार्टी, संसद्, अदालत, मीडिया, नागरिक अभियान्ता और आम जनता की सक्रियता में कोरोना वायरस से भी खतरनाक ओली–प्रवृत्ति–वाला वायरस को सदा के लिए बिदाई किया जाए । नहीं तो यह भष्मासुर सभी को सखाप बनाएगी ।

