माओ मे भी कुछ कमजोरी थी, अध्ययन कर रहा हुँ :प्रचण्ड
हेटौंडा, माघ २२ – एकीकृत माओवादी के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल ने कहा है कि एकता के लिये सातवाँ महाधिवेशन मे दीर्घकालीन जनयुद्ध त्यागे करने की घोषणा से राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय मे विश्वास बढ गया है।
आइतबार सवेरे हेटौंडा औद्योगिक क्षेत्र मे स्थित निवास मे कुछ पत्रकारों से बातचित करते हुये दाहाल ने कहा कि दीर्घकालीन जनयुद्ध त्याग का सन्देश से राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय को विश्वास दिलाने का काम किया गया है ।
इस से पहले शनिबार को महाधिवेशन उद्घाटन करते हुये उन्होने कहा था कि दीर्घकालीन जनयुद्ध और छापामार युद्ध परित्याग करके उत्पादन से ही राष्ट्र को समृद्ध बनाना होगा ।
‘माओवादी फिर युद्ध मे वापस जा सकता है कि लोगों को शंका था। महाधिवेशन के व्दारा दीर्घकालीन जनयुद्ध, छापामार युद्ध मे जाना शहीद और जनता का अपमान होने का सन्देश से राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय ने विश्वास किया है , दाहाल ने कहा।
विश्व ही महाधिवेशन को नजदिक से देख रहा है यह कहते हुये दाहाल ने कहा कि मध्यमवर्ग मे इसकी घोषणा से उत्साह पैदा हुआ है। दहाल ने कहा कि उत्पादन की मोर्चा को मजबुत बनाकर राष्ट्र को धनी बनाने की योजना इस महाधिवेशन से आयेगा। ‘प्राप्त उपलब्धियों की रक्षा करते हुये आगे बढना पडेगा । उत्पादन की नीति से राष्ट्र को दस वर्ष के अन्दर धनी बनाया जा सकता है उन्होने कहा। राजनीति और नेतृत्व अगर स्थापित हो जाय तो वह सम्भव है। ‘मुख्य रुप से कृषि उद्योग, पर्यटन और ऊर्जा विकास मे जोड देने से यह संभव हो सकता है। दुनियाँ मे पैसा का अभाव कहीँ नही है। लगानी करने के लिये सभी ललायित हैं दाहाल ने कहा।
उत्पादन नीति गाउँ कमिटी से ही सुरु करने की बात उन्होने बतायी। अगर गाउँ कमिटी उत्पादन नही करेगी तो पार्टी भी उसे मान्यता नही देगी।
किसी न किसी रुप से सरकार मे ही रहने की बात कहते हुये उन्होने कहा कि उत्पादन नीति को योजना से मिलाकर सहयोग करने से विकास का लहर आ सकता है ।
‘पार्टी सरकार मे रहेगी ही।
पुँजीवादी जनवादी क्रान्ति का बाँकी कार्यभार पूरा करके समाजवादी क्रान्ति मे जान के लिये पार्टी ने नेचे का स्तर और उपर का स्तर दोनो से धक्का देने की नीतिअनुरुप ही उत्पादन मे जोड दिया है दाहाल ने कहा।
सभी स्रोतसाधन होने के वावजुद राष्ट्र गरिब ही है इसीलिये उत्पादन काम को आगे बढाया गया है उन्होने कहा। उन्होने शंका व्यक्त की कि कहीं यह काम करने मे देङसाओपिङ तो नही वनना पडेगा। मैने वह नीति नही लिया है । चीन मे माओवादी ने आधार तयार किया देङसाओपिङ ने अपने ढंग से आगे विकास किया उन्होने कहा।
माओ के निधन होते ही क्यों उनके निकटवर्ती, श्रीमती एक महिना मे हीगिरफ्तार हुइ इसवारे मे अध्ययन हो रही है यह वात दाहाल ने बताया। ‘माओ मे भी कुछ कमजोरी थी इसका अध्ययन कर रहा हुँ।
कम्युनिस्ट पार्टी की समीक्षा करते हुये रुपान्तरण मे जाने की तयारी होने की बात उन्होने कही।सबको मिलाकर चलने की लेनिन शैली विपरीत विरोधी को दक्षिणपन्थी आरोप लगाने का चलन से स्टालिन की सत्ता भी नही टिक सकी थी उन्होने कहा ।
‘विरोधी होने पर दक्षिणपन्थी, बुर्जुवा अरोप लगाने की चलन है कम्युनिस्ट पार्टी मे। लेकिन यह सोचाई गलत है।

