भारत में फसे नेपाली नागरिकों को नेपाल लाना ठीक नहीं, कोरोना अधिक फैल सकती हैः प्रधानमन्त्री ओली
काठमांडू, ३ मई । चारों ओर सरकार की आलोचना हो रही के पड़ोसी देश भारत में हजारों नेपाली फसे हैं, जो नेपाल आना चाहते हैं । संचार माध्यमों में भारतीय भूमि तथा सीमा क्षेत्र में फसे हुए नेपाली नागरिकों की फोटो भी दैनिक रुप में सार्वजनिक हो रहा है । ऐसी ही परिस्थिति में आइतबार सम्पन्न मन्त्रिपरिषद् बैठक में कुछ मन्त्रियों ने प्रधानमन्त्री से प्रश्न किया कि सीमा क्षेत्र (भारत) फसे नेपाली नागरिक जो नेपाल आना चाहते हैं, उन लोगों को क्या करे ?
तब प्रधानमन्त्री ने जवाफ दिया कि उन लोगों नेपाल प्रवेश की अनुमती देना ठीक नहीं है । प्रधानमन्त्री ओली को कहना है कि अगर वे लोग नेपाल आते हैं तो उन लोगों के साथ कोरोना वायरस भी नेपाल प्रवेश करने की संभावना है । समाचारों में आ रहा है कि सीमा क्षेत्र में लगभग १२०० नेपाली नागरिक फसे हुए हैं, वे लोग नेपाल प्रवेश करना चाहते हैं । यही सूचना मन्त्रियों ने प्रधानमन्त्री को दिया था ।
लेकिन प्रधानमन्त्री को कहना है कि उन लोगों को वही भारतीय भूमि में ही व्यवस्थापन करना ठीक है, क्योंकि अगर वे लोग नेपाल आते हैं तो नेपाल में कोरोना संक्रमण अधिक फैल सकती है । इसीलिए परराष्ट्रमन्त्रालय और दिल्ली स्थित दूतावास के सहयोग से उन लोगों को वही व्यवस्थापन करने के लिए प्रधानमन्त्री ने कहा है । प्रधानमन्त्री ओली को यह भी कहना है कि अगर आज सीमा क्षेत्र में रहे नेपाली नागरिक को प्रवेश दी जाती है तो कल फिर दिल्ली में रहे नेपाली भी सीमा पर आकर बैठ जाते हैं, इसीलिए कोरोना वायरस की संक्रमण खत्तम ना होने तक उन लोगों को वही रोक कर रखना ही ठीक है ।

