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ठोरी गांवपालिका ने शुरु किया नेपाल–भारत सीमा में काँटेदार जाली निर्माण प्रक्रिया (फोटो सहित)

 

१५ मई, वीरगंज, रेयाज आलम , पुनश्च: यह समाचार प्रकाशित होने के बाद कईतरह के फोन और मैसेज आना शुरू हो गया है | स्वयं अब वहां के अध्यक्ष भी कहना शुरू कर दिए है कि यह अफवाह है | हमे अच्छी तरह यह जानकारी है कि वाडा स्तर से यह काम सम्भव नही है | लेकिन यह केंद्र सरकार की कोई न कोई चाल है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है | संघीय सरकार जिसका प्रतिनधि सीमा पर है वहीं से यह काम शुरू कराया गया हो | अभी यह गाँव के अंदर कहा जा रहा है बाद में इसको सीमा से जोड़ कर आगे का काम शुरू किया जा सकता है |  भले ही यह दिखावटी लगरहा है लेकिन कल यह हकीकत में भी बदल सकता है जैसा कि कम्युनिस्ट सरकार के नेता पहले से ही मांग कर रहें हैं | 

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राजनीतिक वृत्त में नेपाल–भारत सीमा विवाद को लेकर गरमा–गरम बहस हो रहा है । नेपाल के कई नेता कह चुके हैं कि अब नेपाल–भारत सीमा क्षेत्र में काँटेदार जाली लगानी होगी । विशेषतः लिपुलेक और कालापानी संबंधी विवाद को लेकर नेताओं ने ऐसा कहा है । ऐसी ही पृष्ठभूमि में पर्सा जिला ठोरी गांवपालिका स्थित एक वडाध्यक्ष ने भारतीय सीमा में काँटेदार जाली लगाने का काम शुरु किया है । स्मरणीय बात तो यह है कि उन्होंने आज नहीं, वि.सं. २०७४ मार्गशीर्ष महीना से ही यह काम शुरु है ।
हां, ठोरी गांवपालिका वर्डा नं. ३ के वडाध्यक्ष सूर्य लामा ने इस अभियान का शुरुआत किया है । वडाध्यक्ष लामा अपने वडा के भीतर पड़नेवाला भारत (बिहार) और नेपाल बीच रहे सीमा क्षेत्र ठुटेखेला में काँटेदार जाली निर्माण किया, जो पिलर नं. ४३५–१ से लेकर ४३१–४ तक लगभग ५ किलोमिटर है । वडाध्यक्ष लामा ने कहा कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और गांवपालिका से प्राप्त सहयोग से यह काम किया गया है । लामा के अनुसार ठुटे खोला से लेकर ब्राह्मनगर तक ५ किलोमिटर दूरी है, उसमें १९ पिलर है, जहां अन्तर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार काँटेदार जाली लगाया गया है ।
वडाध्यक्ष लामा ने यह भी कहा है कि यहां १ हजार ८ सौ मिटर में काँटेदार जाली लगाना बांकी है, जो भारतीय पक्ष की ओर से अवरोध होने के कारण रुका हुआ है । उनका कहना है कि भारतीय पक्ष के साथ बातचीत कर बांकी जगहों में भी काँटेदार जाली लगाने की तैयारी है । लामा ने कहा है कि गांवपालिका को प्राप्त होनेवाला विकास बजेट को कटौती कर सीमा क्षेत्र में काँटेदार जाली लगाया गया है । उन्होंने आगे कहा– ‘पड़ोसी देश की ओर से सीमा अतिक्रमण हो जाता है तो मन दुखता है । इसीलिए मैंने अपनी वडा में काँटेदार जाली लगाने का काम शुरु किया ।’

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