सिनेमा पर सेना की सेन्सरशीप
नेपाली सिनेमा पर आए दिन सेन्सर बोर्ड की कैंची चलना आम बात है लेकिन जब किसी फिल्म को लेकर सेना सेन्सर करने लगे तो मामला गम्भीर हो जाता है। ‘बधशाला’ नामक फिल्म में सेना के बारे में नकारात्मक छवि पेश किए जाने की बात कहते हुए नेपाली सेना ने इसके पर््रदर्शन पर रोक लगवा दिया है।

इस फिल्म में सशस्त्र जनयुद्ध के समय निर्दाेष लोगों को माओवादी के नाम पर पकड कर लाने और उनके साथ अमानवीय तरीके से पेश आने, उनकी हत्या किए जाने और लापता किए जाने के बारे में काफी दृष्य दिखाया गया है। इसी पर आपत्ति जताते हुए नेपाली सेना ने रक्षा मंत्रालय के मार्फ संचार मंत्रालय से कह कर इस फिल्म के पर््रदर्शन पर रोक लगा दिया है। हालांकि फिल्म के निर्माता इस बात से इंकार करते हैं कि इसमें सेना की सिर्फनकारात्मक छवि बताई गई है। उन्होंने कहा कि इस में माओवादी और सेना दोनों तरफ की संवेदनशील बातों को समावेश किया गया है। फिल्म के निर्माता सेना द्वारा आपत्तिजनक दृष्यों को हटाकर भी फिल्म को रिलीज करने के पक्ष में हैं। अब देखना है कि सेना इसमें राजी होती है या नहीं। अपने एक कर्ण्र्ााकुमार लामा को मानवाधिकार का हनन करने के आरोप में लन्दन में गिरफ्तारी के बाद उनके आरोपों की पुष्टि ना हो इसलिए सेना ने इस फिल्म पर प्रतिबन्ध लगवा दिया है।

