जातीय विभेद जघन्य अपराध, अपराधी को कानूनी कठघरों में लाया जाएगाः प्रधानमन्त्री ओली
काठमांडू, ३ जून । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि जातीय विभेद एक जघन्य अपराध है, अपराधी को कानूनी कठघरों में लाया जाएगा । उनका यह भी कहना है कि जातीय विभेद एक अंधविश्वास में आधारित परंपरा है, जो कानून की दृष्टिकोण में अपराध है । छुवाछुत विरुद्ध का अन्तर्राष्ट्री दिवस के अवसर पर बुधबार एक विज्ञप्ति जारी करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने ऐसा कहा है ।
प्रधानमन्त्री ओली ने कहा है कि आज भी कथित दलित के नाम में हीन पहचान लेकर चलने के लिए कई लोग बाध्य हो रहे हैं, जघन्य अपराध का शिकार बन रहे हैं । उन्होंने आगे कहा है– ‘युगों से सामाजिक कुप्रथा से प्रभावित सामाजिक सोच, असंवेदनशीलता और गरीबी के कारण कई लोग आज भी कथित दलित की हीन भावना लेकर जी रहे हैं, छुवाछुत में आधारित जघन्य अपराध का शिकार हो रहे हैं ।’ प्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि इसतरह की सामाजिक बहिष्करण, छुवाछुत में आधारित हिंसा में सरकार शून्य सहनशीलता की नीति अवलम्बन कर रही है ।
प्रधानमन्त्री ओली ने यह भी कहा है कि जातीय विभेद और हिंसा मानव सभ्यता की एक कलंक है, इसतहर की हिंसा में अगर कोई आबद्ध होते हैं तो उसको कानुनी कारवाही की जाएगी ।

