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प्रधानमन्त्री ओली राष्ट्रवादी हैं या सिर्फ राष्ट्रीयता की आवरण पहने हैं, अब पता चलेगाः डा. भट्टराई

 

काठमांडू, १५ जून । जनता समाजवादी पार्टी के नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा है कि लिम्पियाधुरा सहित अतिक्रमित भूमि वापस करना ही प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली के लिए वास्तविक अग्नि परीक्षा है । सोमबार गृह जिला गोरखा में पत्रकारों के बीच बोलते हुए डा. भट्टराई ने ऐसा कहा है ।
नेता डा. भट्टराई ने कहा कि नेपाली नक्सा में लिम्पियाधुरा और कालापानी क्षेत्र ने संवैधानिक मान्यता तो प्राप्त किया है, अब व्यवहारिक रुप में ही उसको वापस करने के लिए प्रधानमन्त्री ओली जो कदम चालेंगे, उसी से उनका मूल्यांकन होता है । डा. भट्टराई ने आगे कहा– ‘आगामी दिनों में प्रधानमन्त्री ओली किस तरह से बढ़ते हैं, उसी से वह राष्ट्रवादी हैं या राष्ट्रीयता आवरण पहनकर चल रहे हैं, पता चल जाएगा ।’
डा. भट्टराई ने कहा है कि सिर्फ नक्सा में उक्त क्षेत्र होने से कुछ होनेवाला नहीं है, उसको प्राप्त करना ही महत्वपूर्ण है । उनका यह भी कहना है कि उक्त भूमि वापस करने के लिए राष्ट्रीय सहमति को कायम रखते हुए सरकार को कुटनीतिक पहल करने की जरुरत है ।
डा. भट्टराई ने यह भी कहा है कि अगर मधेशी नागरिकों को शंका की दृष्टिकोण से देखा जाता है तो यहां की राष्ट्रीय एकता कमजोर पड़नेवाली है । उन्होंने आगे कहा– ‘विभिन्न जातजाति और समुदाय को राष्ट्रीयता संबंधी अलग–अलग मापदण्ड बनाकर अरोपित करने की जो प्रवृत्ति है, उसके कारण हम लोग खूद कमजोर पड़ जाएंगे । हिमाल, पहाड और तराई को जोड़ कर जब तक आन्तरिक राष्ट्रीयता को मजबूत नहीं बना पाएंगे, तब तक बाह्य राष्ट्रीयता मजबूत होनेवाला नहीं है ।’

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