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बैठक की शुरुआत में ही नेकपा स्थायी कमिटी सदस्यों का एजेन्डा पर विरोध

 

सत्तारुढ नेकपा कम्युनिस्ट (नेकपा) स्थायी कमिटी बैठक लगभग सात महीने के बाद बुधबार बालुवाटार में सम्पन्न हुई  । पर,  बैठक के शुरु में ही  नेतृत्व को विरोध का सामना करना पडा ।

प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में हुए बैठक के एजेण्डा पर स्थायी कमिटी के सदस्यों ने आपत्ति जताई।

अध्यक्षद्वय की तरफ से महासचिव विष्णु पौडेले ने बैठक के शुरु में पाँच बुँदे एजेण्डा प्रस्तुत किया । बैठक बुलाने से पहले ही एजेन्डा कमिटि के सददस्यों को दिया जाता रहा है । इसके लिए पहले सचिवालय की बैठक होती थी उसके बाद उसके द्वारा तैयार किए गए एजेन्डे को स्थायी कमिटि को दिया जाता था किन्तु इस बार ऐसा नही हुआ ।  ब

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बुधबार सुबह बिना एजेण्डा स्थायी कमिटी के नेताओं को बालुवाटार बुलाया गया था । बैठक में आने के बाद महासचिव पौडेल ने ‘अध्यक्षद्वय की ओर से ’ ककहते हुऐ एजेण्डा प्रस्तुत किया था ।

महासचिव पौडेल द्वारा प्रस्तुत किया गया एजेण्डा

१, वर्तमान परिस्थिति और स्थायी कमिटी के बैठक के सम्बन्ध में अध्यक्षद्वय का मन्तव्य

२. सरकार के काम के सम्बन्ध में

क) कोभिड–१९ नियन्त्रण, रोकथाम और उपचार सम्बन्ध में

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ख) नेपाल के सीमा समस्या और समाधान

ग) अन्य

३. पार्टी एकीकरण का बाकी काम

४. एमसीसी के सम्बन्ध में

५. विविध ।

पर, स्थायी कमिटी सदस्यों ने महासचिव द्वारा प्रस्तुत एजेण्डा पर आपत्ति जताई । सरकार और पार्टी के काम की समीक्षा को प्राथमिकता में नहीं रहने का नेताओं ने विरोध किया ।

भीम रावल, अष्ट्रलक्ष्मी शाक्य, लिलामणि पोखरेल, जनार्दन शर्मा, सुरेन्द्र पाण्डे लगायत के नेताओं ने अपना वक्तव्य रखा ।

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