पत्नी–हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्वडीआईजी कोइराला ३ दिन बाद हो रहे हैं रिहा

१९ जुलाई, काठमांडू । सर्वोच्च अदालत का प्रधानन्यायाधीश चोलेन्द्रशमशेर जबरा और न्यायाधीश तेजबहादुर केसी के संयुक्त इजलास ने सशस्त्र प्रहरी का पूर्वडीआईजी रञ्जनकुमार कोइराला का कैद सजा कम कर दिया है ।
पत्नी की हत्या के अभियोग में अदालत ने कोइराला को सर्वस्व के साथ उम्र कैद की सजा सुनाया था । जन्म कैद की सजा काट रहे कोइराला को अदालत के प्रधानन्यायाधीश जबरा और न्यायाधीश केसी के संयुक्त इजलास ने ८ वर्ष ६ महीना जेल में रहने से सजा समाप्त होने की निर्णय किया है ।
२७ पुस ०६८ में कोइराला ने अपने बुढानीलकण्ठ स्थित घर में अपनी पत्नी गीता का गला घोंट कर हत्या किया था और शव को मकवानपुर के टिस्टुंग जंगल में पेट्रेल छिडक कर जलाया था ।
गीता की हत्या रन्जन ने ही किया प्रमाणित होने के बाद ८ माघ २०६८ से अभी तक कोइराला प्रहरी हिरासत में है । अदालत के अनुसार कोइराला का उम्रकैद कुछ ज्यादा होने का अनुमान करते हुये सजा कम की गई है ।
वर्ष ६ महीना सजा कम करने से इसी श्रावण के ७ गते कोइराला की उम्रकैद की सजा समाप्त हो जायेगी ।

