रुस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल ने कहा सबसे पहले डॉक्टरों और शिक्षकों को कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी।
दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक करीब एक करोड़ 76 लाख लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं जबकि इस वायरस के कारण अब तक छह लाख 80 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसका वैक्सीन बनाने को लेकर काम लगातार जारी है। इसको लेकर दुनियाभर में करीब 23 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसमें से कुछ के ट्रायल अंतिम चरण में हैं यानी कभी भी खुशखबरी मिल सकती है। इस बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर रूस से एक अच्छी खबर आ रही है। यहां के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को का कहना है कि सरकार अक्तूबर में नागरिकों को वैक्सीन देने की योजना बना रही है और इसके लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाने की तैयारी हो रही है। आइए जानते हैं कि इस अभियान के तहत सबसे पहले किस तरह के लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जाएगी।
रूसी मीडिया के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा है कि सबसे पहले डॉक्टरों और शिक्षकों को कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी। उसके बाद ही अन्य नागरिकों तक इसे पहुंचाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस की इस संभावित वैक्सीन को इस महीने नियामकों की मंजूरी मिल जाएगी।
हालांकि कई विशेषज्ञ रूस की इस वैक्सीन को लेकर चिंता भी जाहिर कर रहे हैं। उनकी चिंता इस बात को लेकर है कि लोगों को वैक्सीन की खुराक देने से पहले जरूरी सभी टेस्ट किए जा रहे हैं या नहीं। अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथोनी फाउची ने भी इसी तरह की चिंता जताई है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस साल के अंत तक अमेरिका के पास कोरोना की सुरक्षित और कारगर वैक्सीन होगी।
रूस की इस वैक्सीन को मॉस्को के गमलेया इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है। पिछले महीने भी इसको लेकर एक रिपोर्ट आई थी कि रूस जल्द ही वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी दे सकता है। वैज्ञानिक 10 अगस्त या उससे पहले ही वैक्सीन की मंजूरी के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।

