रोजागरी के लिए विदेश गया लडका लडकी बन कर घर लौटा
कैलास दास,जनकपुर
शीर्षक पढकर किसी को भी आश्चर्य लग सकता है कि विदेश गए हुए लडका जब घर लौटा तो लडकी कैसी बन गई । ये बात ही ऐसी है जो किसी को भी आश्चर्य चकित कर सकता है ।
घटना महोत्तरी जिला के हातीलेट की है । हातीलेट ९ का रहने वाला शुक्र बहादुर आले का बेटा बुद्ध बहादुर आले भारत मे रोजगारी के लिए गए थे । लेकिन जब वो घर लौटा तो लडकी की पोशाक मे पूर्ण लडकी जैसा था ।
शुक्रबहादुर और चिजमाया आले का तीन बेटी के बाद एक पुत्र जन्म लिया बुद्ध बहादुर आले । गरिबी के कारण १० वर्ष के उम्र मे ही अपने बेटा बुद्धबहादुर को भारत मे रोजगारी के लिए भेज दिया था । लेकिन जब वो १५ वर्ष के बाद घर लडकी बनकर लौटा तो उसे देखकर घरवाले बहुत ही चिन्तित हुए । वैसे उन्हे देखने के लिए कुछ अभी भी ग्रामीणो की भीड लगी रहती है ।
१० वर्ष के बाद लडकी बनकर घर लोटे बुद्ध बहादुर आले अपना नाम भी परिवर्तन कर बबली रख ली है । बुद्धबहादुर आले कहते है वैज्ञानिक सुविधा अनुसार मै अपना लिङ्ग भी परिवर्तन कर चुकी हूँ
भारत के मुम्बई मे कार्य करते समय उसका मालिक लिङ्ग परिवर्तन करवाने मे सल्लाह, सुझाव और सहयोग करने बाद ४ वर्ष पहले लिङ्ग परिवतर्न कराए बतलाते है ।
वो अपन स्वभाव अनुसारक लिङ्ग परिवर्तन होने के बाद बहुत खुशी व्यक्त करता है । बुद्ध बहादुर आले नाच गान मे विशेष रुचि रहने के करण ओ अपना लिंग परिवर्तन की बतलाते है । वो आगे कहते है अगर नाच गान एवं नृत्य सम्बन्धी कार्य नेपाल मे ही मिला तो अब मुम्बई नही जाऐगे उन्होने बताया ।

