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एक द्वार संकट व्यवस्थापन केन्द्र की समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न

 

नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल ।
नेपाल क्षयरोग निवारण संस्था (नाटा) बाँके शाखा के आयोजना में एक द्वार संकट व्यवस्थापन केन्द्र के बारे में मुख्य समुदाय और सहयोगी सञ्जाल को अभिमुखीकरण सम्बन्धि समीक्षा बैठक नेपालगंज में सम्पन्न हुआ । नेपाल में क्षयरोग और एचआइभी सेवा की पहुँच में मानव अधिकार और लैंगिक अवरोध न्युनिकरण कार्यक्रम अन्तर्गत गत सोमवार बैठक आयोजत था ।
बैठक में नेपाल क्षयरोग निवारण संस्था (नाटा) के केन्द्रीय सदस्य सेमराज शाक्य ने बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला । नाटा के केन्द्रीय सदस्य सेमराज शाक्य ने कहा कि क्षयरोग कोई भी जाति धर्म वा सम्प्रदाय को हो सकती है, इस की उपचार के लिये नेपाल सरकार ने निःशुल्क औषधि तथा अन्य सेवाएँ प्रदान करते आ रही है ।
जिला स्वास्थ्य कार्यालय बाँके के निमित्त कार्यालय प्रमुख सुनिता पौडेल के विशेष उपस्थिति में सम्पन्न बैठक में नेपाल क्षयरोग निवारण संस्था बाँके शाखा के पूर्व सभापति पूर्ण लाल चुके ने क्षयरोगी, क्षयरोग से ठीक हुये व्यक्ति और उन लोगो की सहयोगी सञ्जाल में एक द्वार संकट व्यवस्थापन केन्द्र की भूमिका संबंध में बताया । उन्हों ने कहा कि ग्लोबल फन्ड ने एड्स, क्षयरोग तथा मलेरिया विरुद्ध लड्ने के लिये सन् २०१७ से २०२२ तक एक रणनीतिक उद्देश्य कार्यान्वयन में लाया है ।
पूर्व सभापति चुके के अनुसार विश्व के २० राष्ट्र के साथ नेपाल में भी वह कार्यक्रम शुरुआत हुआ है । कार्यक्रम में स्रोत व्यक्ति के रुप में जिला स्वास्थ्य कार्यालय बाँके के क्षय–कुष्ठरोग के फोकल पर्सन भानु ज्योति ओली ने लैंगिकता, मानव अधिकार और क्षयरोग की परिचय प्रस्तुत किया । उनके अनुसार विश्व में हर साल ६० लाख पुरुष क्षयरोग से संक्रमित होत है और ३२ लाख महिलाएँ को क्षयरोग लगती है । उसमें से १५–४९ वर्ष उमेर समूह के १४% पुरुषों की मौत होती है और १५.६% महिलाएँ की मौत होती है ।
नेपाल क्षयरोग निवारण संस्था बाँके शाखा की ल्याव सहायक सुश्री प्रमिला रावत के अनुसार कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य कार्यालय, नेपालगन्ज उपमहानगरपालिका स्वास्थ्य शाखा, भेरी अञ्चल अस्पताल, टिवि नेपाल, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा केन्द्र, महिला स्वास्थ्य सेवी, राजनीतिक दल, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, क्षयरोग सै पीडित व्यत्ति, सरोकारवाला संघ संस्थाओ के प्रतिनिधी सहभागी थे ।

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