कोरोना प्रभावः नेपाल की आर्थिक वृद्धिदर शून्य बराबर हो सकती है –विश्व बैंक
काठमांडू, ८ अक्टूबर । विश्व बैंक ने कहा है कि सन् २०२१ में नेपाल की आर्थिक वृद्धिदर शून्य (०) प्रतिश में आ सकती है । बिहीबार दक्षिण एसिया स्तरीय आर्थिक प्रतिवेदन को सार्वजनिक करते हुए विश्व बैंक ने इसतरह का का प्रक्षेपण किया है । कोरोना वायरस और उसका प्रभाव को मध्यनजर करते हुए विश्व बैंक ने ऐसा कहा है ।
लेकिन विश्व बैंक का अनुमान है कि आर्थिक वर्ष २०७७–०७८ में आर्थिक वृद्धिदर ७ प्रतिशत हो सकती है । उसने अनुमान किया है कि सन् २०२० में नेपाल की आर्थिक वृद्धिदर ०.२ प्रतिशत में आ सकती है । इधर नेपाल सरकार ने आर्थिक वर्ष २०७६–०७७ में नेपाल की आर्थिक वृद्धिदर २.२७ होने की अनुमान लगाया है ।
विश्व बैंक की एक अध्ययन प्रतिवेदन अनुसार कोरोना वायरस के कारण दक्षिण आज तक के ही सबसे अधिक आर्थिक मंदी में पड़ गया है । उसका कहना है कि सबसे अधिक प्रभाव अनौपचारिक क्षेत्र में पड़नेवाला है । बैंक ने कहा है कि अधिक प्रभाव आर्थिक क्रियाकलाप और पर्यटन क्षेत्र में पड़ रहा है ।
स्मरणीय है, पिछले ५ साल की तथ्यांक अनुसार दक्षिण एसिया की आर्थिक वृद्धि ६ प्रतिशत है । अनुमान है कि सन् २०२१ में दक्षिण एसिया की आर्थिक वृद्धिदर ४.५ प्रतिशत होनेवाला है ।

