बिहार चुनाव ! क्या होंगे परिणाम ? एक आकलन : जयप्रकाश अग्रवाल
ये लेखक का व्यक्तिगत आकलन है । पचास साल की भारतीय राजनीति जैसी देखी उसी अनुभव का आधार ले ये आकलन किया है ।
काठमांडू । आज नौ अक्तूबर है । पहले दौर के नामांकन हो चुके हैं । दूसरे दौर के नामांकन आज से शुरु हो गये । अब गठबंधनों की स्थिति स्पष्ट हो गयी है । सीटों का बँटवारा हो चुका है ।
मुख्य बातें
१) एनडीए
बीजेपी और जेडीयू ने आधी आधी सीटें बाँटीं ।एलजेपी ने एनडीए छोड़ १४० सीटों पर लड़ने की घोषणा की । एलजीपी जेडीयू का हर सीट मुक़ाबला करेगी पर बीजेपी का विरोध नहीं करेगी । वीआइपी तथा जीतन राम माँझी ने पाला बदला, एनडीए में आये ।
२) महा गठबंधन
गठबंधन से सभी छोटे दल हट गये । कुशवाह, जीतन राम माँझी और मुकेश साहनी सबने साथ छोड़ा ।अब महा गठबंधन में आरजेडी काँग्रेस और वाम पार्टियाँ हैं ।
३) और दल एवं गठबंधन
कुशवाह, एआइएमएम और भीम आर्मी के आज़ाद ने तीन गठबंधन बनाये हैं । एलजेपी १४० सीटों पर चुनाव लड़ेगी । शिवसेना ५० सीटों पर लड़ने का मन बना रही है । कुछ प्रभावशाली निर्दलीय उम्मीदवार भी होंगे । इनमें जाति और धर्म का असर है । ये सब वोट काटेंगे और दोनों गठबंधन को नुक़सान पहुँचायेंगे ।
४) रघुवंश प्रसाद और राम बिलास पासवान का आकस्मिक निधन
इन दो बड़े नेताओं के निधन से एक राजनैतिक शून्यता आगयी है । साथ ही कोविड का असर । कुल वोटिंग घट सकती है । इसका भी परिणाम पर असर पड़ेगा । एनडीए को कुछ ज़्यादा नुक़सान होगा ।
आकलन
१) एलजेपी के कारण एनडीए को निश्चित नुक़सान होगा विशेष रूप से जेडीयू को । २०१५ में एलजेपी को दो सीटें ही मिली थीं । राम बिलास पासवान के बिना एलजेपी को बहुत सीटें नहीं मिलेंगी पर वोट काट कर कई सीटों का समीकरण वे ज़रूर बदलेंगे ।
२) वीआइपी और माँझी भी एनडीए को नाम मात्र की मज़बूती ही देंगे क्योंकि उनकी पकड़ मामूली ही है ।
३) छोटे गठबंधन मुख्यतया महागठबंधन के ही वोट काटेंगे परन्तु यह नुक़सान भी कोई ख़ास नहीं होगा ।
परिणाम
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर मेरा अनुमान है कि एनडीए को १३० से १४० सीट
जीए को ८० से १०० सीट
अन्य १० से २० सीट
आकलन कर्ता : जयप्रकाश अग्रवाल
काठमांडू (नेपाल)
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