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ये हैं नवरात्र में घट स्थापना के मुहुर्त

 

घट स्थापना का सर्वश्रेष्ठ समय सुबह 6.22 से 7.50 तक, सूर्योदय से सुबह 9.20 बजे तक लाभ, अमृत के चौघडि़ए में और सुबह 10.49 से दोपहर 12 बजे तक

जयपुर। आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा पर बुधवार को शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। इस मौके पर घर-घर में शुभ मुहूर्त में घट स्थापना के साथ देवी आराधना शुरू होगी। घट स्थापना का सर्वश्रेष्ठ समय सुबह 6.22 से 7.50 बजे तक रहेगा। इसमें प्रात:काल, द्विस्वभाव कन्या लग्न भी विद्यमान रहेगा।
पं.बंशीधर जयपुर पंचांग निर्माता पं. दामोदर प्रसाद शर्मा के मुताबिक सूर्योदय से सुबह 9.20 बजे तक लाभ, अमृत के चौघडि़ए में और सुबह 10.49 से दोपहर 12 बजे तक शुभ के चौघडि़ए में भी घट स्थापना की जा सकती है।

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देवी पुराण में नवरात्र के दिन देवी का आह्वान, स्थापना व पूजन का समय प्रात: काल माना गया है। मगर इस दिन चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग वर्जित बताया गया है। हालांकि इस दिन वैधृति योग का संयोग तो नहीं हो रहा है लेकिन दोपहर 1.39 बजे चित्रा नक्षत्र आएगा। इसलिए प्रात:काल देवी का आह्वान कर घट स्थापना करना श्रेष्ठ रहेगा।
आमेर स्थित शिलामाता मंदिर में शारदीय नवरात्र और मेला शुरू होगा। इस मौके पर शुभ मुहूर्त में सुबह 6.35 बजे घट स्थापना की जाएगी। दर्शन सुबह 8 बजे से शुरू होंगे। पुजारी नटवर झा के निर्देशन में पंडित वैदिक मंत्रोच्चार और तांत्रिक पद्धति से देवी प्रतिमा के सामने गर्भगृह में घटस्थापना की जाएगी। नवरात्र के दौरान दोपहर में 12.30 बजे पट बंद होंगे।

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शयन आरती रात्रि 8 बजे की जगह साढ़े आठ बजे होगी। इसके बाद पट बंद हो जाएंगे। यदि निर्धारित समय के बाद भी दोपहर या रात्रि में दर्शनार्थी लाइन में लगे होंगे, तो दर्शन का समय बढ़ाया जाएगा।

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