बलात्कार आरोपी सिद्धबाबा को थुना में ही रखने के लिए सर्वोच्च ने दिया आदेश

काठमांडू, २९ नवम्बर । अपने ही अनुयायी के ऊपर बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार कृष्णदास गिरी को सर्वोच्च अदालत ने थुना में ही रखने के लिए आदेश दिया है । गिरी को उनके अनुयायी ‘सिद्धबाबा’ के रुप में पुकारते हैं । जिला अदालत सुनसरी ने गिरी को गत साल माघ ९ गते जमानत में रिहा करने के लिए आदेश दिया है ।
उच्च राजनीतिक एवं प्रशासनिक पहुँच में रहे गिरी के ऊपर अपने ही अनुयायी के साथ जबरजस्ती बलात्कार संबंधी आरोप है । आरोप लगते ही कहीं महीना लापत्ता होने के बाद में गिरी खूद अदालत में हाजिर हुए थे । उसके बाद शुरु अदालती प्रक्रिया में सुनसरी अदालत ने जमानत में रिहा करने के लिए आदेश दिया था । लेकिन उसके विरुद्ध जिला सरकारी वकिल कार्यालय ने पुनरावेदन अदालत विराटनगर में पुनरावेदन किया और पुनरावेदन अदालत विराटनगर ने थुना में रखने के लिए आदेश दिया ।
गिरी ने उक्त आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च अदालत में आवेदन दिया था । लेकिन सर्वोच्च अदालत के न्यायाधिश डा. आनन्दमोहन भट्टराई और प्रकाशकुमार ढुंगाना की संयुक्त इजलास ने उनको थुना में ही रखने के लिए आदेश दिया है ।

