काशी में कार्तिक पूर्णीमा के दिन गंगा जी के घाट पर ‘देव दिपावली’ पर्व का फोटो
विम्मी शर्मा, बाराणसी। देवताओं के सहयोग से बने विशेष रथ में सवार हो कर भगवान शिव नें त्रिपुरासुर का वध जिस दिन किया था उस दिन कार्तिक पूर्णीमा ही थी । त्रिपुरासुर के मरण के पश्चात हर्षित देवताओं ने ईस खुशियाली में स्वर्ग, मर्त्य और पाताल तिनों लेक में दिपावली कि थी । ईसी के स्मरण में काशी में तब से हर वर्ष कार्तिक पूर्णीमा के दिन गंगा जी के घाटों को दियों से झिलिमिल कर ‘देव दिपावली’ मनाइ जाती है ।









