संघीय सरकार विरुद्ध रिट निवेदन लेकर मन्त्री सोनल पहुँच गए सर्वोच्च अदालत

काठमांडू, ३ दिसम्बर । संघीय सरकार विरुद्ध रिट निवेदन लेकर प्रदेश नं. २ के भौतिक पूर्वाधारमन्त्री जितेन्द्र सोनल सर्वोच्च अदालत पहुँच गए हैं । रिट निवेदन में मन्त्री सोनल ने दावा किया है कि संविधान की अनुसूची ६ मर्म विपरित संघीय सरकार प्रदेश सरकार को प्राप्त अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप कर रहा है ।
रिट निवेदन में उल्लेख है कि गत कार्तिक २१ गते संघीय सरकार मातहत रहे भूमिगत जलस्रोत विकास समिति द्वारा जारी परिपत्र और तराई–मधेश सिचाई विशेष कार्यक्रम द्वारा कार्तिक २४ गते जारी बोलपत्र प्रदेश सरकार की अधिकार क्षेत्र के ऊपर संघीय सरकार का हस्तक्षेप है । उल्लेखित परिपत्र एवं बोलपत्र को खारीज–मांग करते हुए मन्त्री सोनल सर्वोच्च अदालत पहुँचे हैं । इस रिट का पेशी सर्वोच्च अदालत ने मार्गशीर्ष २६ गते के लिए तय किया है ।
रीट निवेदन में कहा गया है कि प्रदेश सरकार की प्रयोग में रहे भवन, सवारी साधन जैसे भौतिक साधन को संघीय सरकार को वापस करने के लिए कहा है, जो प्रदेश सरकार के ऊपर हस्तक्षेप है और संवैधानिक मर्म के विपरित है । स्मरणीय है, प्रदेश नं. २ सरकार ने इससे पहले भी संघीय सरकार के विरुद्ध ऐसी ही आरोप के साथ सर्वोच्च में रिट पंजीकृत किया है ।

