राष्ट्रपति भण्डारी पार्टी राजनीति में सक्रिय, ओली और प्रचण्ड को मिलाने का प्रयास

काठमांडू, ४ दिसम्बर । मान्यता है कि संवैधानिक राष्ट्रपति को पार्टी राजनीति से अलग रहकर देश और जनता की हित में सोचना चाहिए । लेकिन हमारे राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी के ऊपर कई बार आरोप लगा है कि वह देश–हित को देखकर नहीं, सत्ताधारी दल नेकपा एवं नेकपा भीतर भी एक गुट विशेष को देखकर काम करती है । ऐसी ही पृष्ठभूमि में सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के भीतर जारी आन्तरिक विवाद में भी उनकी सक्रिय भूमिका दिखने में आ रहा है, जिसको राजनीतिक सक्रियता के रुप में देखा जा रहा है ।
कल बिहिबार भी राष्ट्रपति भण्डारी ने पार्टी अध्यक्ष द्वय केपीशर्मा ओली और पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड के साथ अलग–अलग भेटवार्ता की है, जहां पार्टी की आन्तरिक राजनीतिक विषय को लेकर विचार–विमर्श हुई है । कहा गया है कि ओली और प्रचण्ड को मिलाने के लिए राष्ट्रपति का प्रयास जारी है । भेटवार्ता में दोनों नेताओं से मिलकर आगे जाने के लिए राष्ट्रपति भण्डारी ने आग्रह किया है । पार्टी विवाद को लेकर राष्ट्रपति के साथ ओली और प्रचण्ड का भेटवार्ता यह पहला नहीं है । इसे पहले भी कई बार उन लोगों के बीच भेटवार्ता हुआ है ।
बिहीबार सबसे पहले प्रधानमन्त्री ओली सुबह ११ बजे राष्ट्रपति भण्डारी के साथ मिलने के लिए शितलनिवास पहुँचे थे । डेढ घंटों के बाद प्रधानमन्त्री ओली राष्ट्रपति शितल निवास से वापस हुए थे । उसके बाद नेकपा अध्यक्ष प्रचण्ड राष्ट्रपति से मिलने के लिए शितलनिवास पहुँच थे । लेकिन प्रधानमन्त्री सचिवालय का कहना है कि प्रधानमन्त्री की भेटवार्ता राजनीतिक नहीं है, नियमित भेटवार्ता है । सचिवालय ने यह भी कहा है कि मन्त्रिपरिषद् द्वारा सार्वजनिक निर्णय के संबंध में जानकारी देने हेतु संवैधानिक प्रावधान के अनुसार हि प्रधानमन्त्री और राष्ट्रपति के बीच भेटवार्ता हुई है ।

