‘जनकपुर मे बहुत बडा बम बिस्फोट की योजना’

१९, अप्रिल ,कैलास दास । जनकपुर । नेपाल मे सबसे बडा बम बलास्ट की घटना वि.स. २०६९ बैशाख १८ गते जनकपुर मे हुआ था । जिन मे पाँच की मौत हुई थी और दर्जनो घायल हुए थे । परन्तु अभी तक पुलिस प्रशासन ने बलास्ट कराने वाले आतंकवादी को गिरफ्तार नही कर सका है ।
इस बीच बडी घटना की योजना बना रहा था आतंकवादी समूह ने । ठीक बैशाख १८ गते ही जनकपुर मे दहस्त मचाने वाला ही था की भारतीय पुलिस एसएसबी ने ५ किलो बिष्फोटक पदार्थ के साथ आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया है । गिरफ्तार किया गया तुफैल अहम्मद शब्दो को उद्धृत करते हुए एसएसबी जवान ने कहा कि जनकपुर मे सबसे बडी दहस्त फैलाने के लिए नेपाल के जनकपुर मे ये पदार्थ लेकर जा रहा था । इसमे जनकपुर के पूर्व सभासद संजय कुमार साह और जीवनाथ चौधरी को मारने का टारगेट बनाया गया था । वृहस्पतिवार के हिन्दुस्तान पत्रिका मे यह खबर प्रकाशित है ।
पुलिस जवान ने सीतामढी सोनवरसा एनएच ७७ के कमल दाहक बहुरिया मन्दिर के नजदीक से गिरफ्तार किया था । पत्रिका मे छापी समाचार के अनुसार एसएसबी जवान ने अढाई किलो फोसफोरस और अढाई किलो अमोनियम नाइर्टेट युएस मे निर्मित दो पिस्तोल, तीन भारतीय पेस्तौल, ८ एमएम के १९ थान ७६५ एमएम के १० गोलिया और ३ म्यागजिन था ।
हिन्दुस्तान मे छपी समाचार के अनुसार इसका मुख्य योजनाकार मुकेश चौधरी था जो वि.स.२०६९ बैशाख १८ गते मे जनकपुर मे हुई बम बलास्ट का जिम्मेवारी लिया था ।
वास्तव मे कहा जाए तो पुलिस प्रशासन के लिए एक के बाद एक आतंकवादी द्वारा चुनौती देने के वाद भी प्रशासन बिलकुल मौन होकर बैठा हुआ है । अभी तक किसी भी बडी घटना को इलजास तक नही पहुँचा पाया है । अगर इसी तरह प्रहरी निष्क्रिय होती रही तो ऐसा कहना गलत नही होगा की जनकपुर सिर्फ आतंकवादीयों का अखाडा नही है । तीन चार वर्ष हो गए महिला पत्रकार उमा सिंह की हत्या हुइ थी । सञ्चार उद्यमी अरुण सिंघानिया की हत्या की गइ थी । जनकपुर मे हुआ बम बलास्ट जिनमे पाँच की मौत हुई लेकिन सही आतंकवाद को अभी तक गिरफ्तारी नही किया गया है ।
अभी जनकपुर हिंसात्मक गतिविधि को लेकर आंतकित बना हुआ है । कही पर महिला हिंसा हो रही है तो कही पर सवारी दुर्घटना । और सच मे पुछा जाए तो सबसे ज्यादा आतंकित आतंकवादीयों से है, जिनका कोई लक्ष्य नही है । सिर्फ अपनी कमाइ को लक्ष्य बनाकर किसी व्यापारी, कर्मचारी वा कारखाना चालको को टेलिफोन से रंगदारी टैक्स मागता है और नही देने पर बम बलाष्ट कर वा गोली प्रहार कर आतंक मचा रहा है ।
सही मायने मे कहा जाए तो इनका बागडोर भारतीय सीमाना क्षेत्र है । घटना नेपाल मे होती है और छुपने के लिए भारतीय शहर मे चला जाता है । यहाँ का प्रहरी प्रशासन भी अपराधी को गिरफ्तार करने से पहले एक कन्फ्रेन्स करती है और बडी आसन से कह डलता है कि अपराधी भारत मे छुपा है,जल्द ही उन्हे गिरफ्तार किया जाऐगा ।
करीब डेढ हप्ता मे एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई है । बलेरो दुर्घटना मे तीन नेपाली कार्यकर्ता की मौत, हिंसात्मक क्रियाकलाप को लेकर एक ही परिवार के दो बच्चे और माँ द्वारा आत्महत्या तथा एक महिला को बलत्कार कर हत्या कर फेका गया । राम जानकी मेडिकल कलेज का सञ्चालक अशोक सिन्हा के घर पर आतंकवादी द्वारा गोली प्रहार जिसमे एक व्यक्ति अभी भी मौत से जुझ रही है । यो तो समान्य सी बात है ।
लेकिन जिस तरह जनकपुर मे विभिन्न क्षेत्रो मे हुई बम बलास्ट और बडा से बडा बलास्ट करने की योजना आतंकवादी द्वारा किया जा रहा है इससे सम्पूर्ण जनकपुरवासी आतंकित है । बुधवार जनकपुर के आँख अस्पताल उडाने की योजना आतंकवादी बना रहा था । दो बम के साथ चार आतंकवादी अस्पताल के आसपास अपनी मौका तलास रहा था की पुलिस ने चारो को दबोचा । और पत्रकार कन्फ्रेन्स कर कहा कि ये चारो इससे पहले भी बहुत सारे घटना धनुषा जिला मे करा चुका है । उनमे से एक पूर्व माओवादी लडाकु था तो दुसरा जनतान्त्रिक गोइत समूह का था । सब का लक्ष्य एक ही था आतंक फैला कर रुपैया माँगना । चाहे उस बिष्फोट मे जितनी की भी मौत क्यो न हो जए ।
वैसे भी कहा जाता है कि आतंकवादी को किसी से रिस्ता नही होता है । आतंक फैलाना उसका लक्ष्य होता है । लेकिन यहाँ उन सबो का एक ही लक्ष्य है रंगदारी टैक्स असुलना । इसमे लगभग १८ से २८ वर्ष तक का युवा मात्र संलग्न दिखता है जिसे राजनीतिक ज्ञान भी नही होगा ।

