चुनाव संभव नहीं है, वैशाख के बाद केपी ओली भी प्रधानमन्त्री नहीं रहेंगेः प्रचण्ड

काठमांडू, २९ दिसम्बर । नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) प्रचण्ड–माधव समूह के नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने कहा है कि संसद् बिघटन कर जबरजस्ती चुनाव का तिथि घोषणा होना लोकतन्त्र और संवैधानिक मर्म के विपरित है । उनका मानना है कि निर्धारित समय (वैशाख १७ और २७ गते) में चुनाव होनेवाला नहीं है और उसके बाद केपीशर्मा ओली भी प्रधानमन्त्री रहनेवाले नहीं हैं ।
प्रचण्ड–माधव समूह द्वारा संसद् बिघटन विरुद्ध मंगलबार आयोजित विरोधसभा को काठमांडू में सम्बोधन करते हुए नेता प्रचण्ड ने कहा– ‘संविधान के अनुसार केपी ओली को संसद् बिघटन करने का कोई भी अधिकार नहीं है । इसीलिए प्रतिनिधिसभा नहीं, केपी ओली का सरकार बिघटन हुआ है । उन्होंने इतिहास में ही कलंकपूर्ण कम किया है । खूद के द्वारा बनाया गया संविधान के ऊपर प्रधानमन्त्री ओली ने बलात्कार किया है ।’
प्रचण्ड ने कहा है कि पूरा देश आज संसद् बिघटन के विरुद्ध है, लेकिन प्रधानमन्त्री ओली इसको अनदेखा कर रहे हैं । उन्होंने यह भी दावा किया है कि अदालत से संसद् पुनस्र्थापना होना चाहिए । उन्होंने आगे कहा– ‘मुझे विश्वास है कि संवैधानिक मर्म और जनता की भावना को अदालत की ओर से सम्मान प्राप्त होनेवाला है ।’

