Thu. Jul 2nd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें himalini-sahitya

फिर से नया वर्ष आया है : अनिल कुमार मिश्र

 
फिर से नया वर्ष आया है
********************

मंदिर के बाहर भिखमंगे देवरूप में रोते हैं

दो पैसे,दो रोटी दे दो,हम कल से ही भूखे हैं
जीवन मे ना खून किया,ना लूटा किसी को,बैठे हैं
इस मंदिर के दरवाजे पर रोज दुआएँ देते हैं।


क्या बोलूँ तुमसे ऐ बंदे!यह जीवन एक माया है।
मत गाना खुश होकर यूँ कि फिर से नया वर्ष आया है।


नया वर्ष सदियों से देखो आता है और जाता है
देखो कौन यहाँ पर कितना प्रभु से स्नेह-सुधा पाता है
हम बाहर हैं तुम अंदर हो,दोनों हैं कर जोड़ खड़े
तुम भी प्यासे मैं भी प्यासा, मैं मांग रहा तुम मांग रहे।


इस जीवन मे न्याय यही है यही गीत सबने गाया है
मत कहना खुश होकर यूँ कि फिर से नया वर्ष आया है।


पीकर दारू,भांग,नशा कर,नग्न सड़क पर फिरते हैं
है यह आज़ादी कैसी,हम नये वर्ष से डरते हैं
गीत बजें अश्लील सड़क पर नफरत भी सब करते हैं
चिल्लाते हैं युवा सड़क पर,आवारों से फिरते हैं।


सड़कें भी स्तब्ध दिख रही,पैसे की कैसी माया है
मत कहना खुश होकर फिर से,देखो नया वर्ष आया है।
मत कहना खुश होकर फिर से,देखो नया वर्ष आया है।

 

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 2 जुलाई 2026 गुरुवार शुभसंवत्ब2083
अनिल कुमार मिश्र,राँची,झारखंड,भारत

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *