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यू.पी. लव जिहाद के षड्यंत्र से महिलाएँ होंगी सुरक्षित ? रुचि सिंह

 

 

काबिले गौर है कि इश्क, मुहब्बत, प्यार का मजमून अब सीधे तौर पर जिहाद से जुड़ गया है । मुहब्बत के रूप में लव जिहाद एक ऐसे मोहरे में परिवर्तित हो चुका है कि अपराध के साथ–साथ धार्मिक परिवर्तन का मामला बनता जा रहा है । मुस्लिम धर्म के लड़के हिन्दू धर्म की लड़कियों को अपने प्यार के जाल में धर्म बदलाव कर विवाह करना अन्य धर्म के लोगों के लिए प्रमुखता बनती जा रही है । धर्मान्तरण के अलावा लव जिहाद के कदम अपराध की ओर लगभग बढ़ चुके है । लव जिहाद धर्म निरपेक्षता के अलावा सांप्रदायिकता की बहस बाजी में बदलने लगी है । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अंतरधार्मिक विवाह को विघ्न रहित बनाने के लिए कानूनी रूप से अमली जामा पहनाया है, योगी सरकार ने लव जिहाद के लिए सख्त कदम उठाया है जिसमें हिन्दू लडकियों को इस तरह के षडयंत्र से बचाया जा सके यह कोशिश की गई है ।

लव जिहाद की जानकारी मिलने पर कानपुर के आई.जी । ने स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम गठन करके जांच आगे बढाÞया तो १४ मामले की शिकायत सामने आयी कि हिन्दू लड़कियों को ब्रेनवाश एवं गुमराह करके शादी कराई गई थी । ४ मामलों में रजामंदी से शादी कर दी गई थी । सभी बालिग थे । ९ लड़को को जेल भेजा गया है । गौरतलब है कि लखनऊ कानपुर मुस्लिमों का बडाÞ बेल्ट है । मुस्लिम लड़के हिन्दू लडकियों को प्यार के झांसे में फसां कर मोटिवेट कर के शादी करते हैं । शादी करने का ज्यादातर यह मकसद होता है कि कई मुस्लिम लड़के बेरोजगार होते है ।

मुस्लिम संगठन इन लड़को को सुरक्षा के साथ–साथ आर्थिक सहयोग करते हैं । साथ ही हिन्दू लड़कियों को उनके मजहब के खिलाफ भड़का कर धर्म परिवर्तन करवाना एवं आतंकी बनाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाते हैं । पैसो के लिए मुहब्बत का कत्ल तक करने से नहीं झिझकते हैं । मेरठ निवासी शाकिब जो कि अनपढ है अमन बन कर झूठी मुहब्बत के जाल में हिन्दू लड़की से विवाह करके २५लाख रुपये और १५ तोला सोना भी हड़प लिया उसके बाद शाकिब ने परिवार और दोस्तों के साथ मिल कर लड़की की हत्या कर दी है । अब शाकिब जेल के सलाखों के पीछे है । उत्तर प्रदेश में लव जिहाद का मामला बरेली के देवरनिया का है । जहां उबैस अहमद नाम का छात्र अपने ही गांव की हिन्दू छात्रा पर दबाव देकर धर्म परिवर्तन करके निकाह न करने की सूरत में जान से मारने की धमकी तक दी लिहाजा देवरनिया पुलिस ने उतर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेधा अधिनियम ३÷५ की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है । काबिलेगौर है कि लव जिहाद धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दों की शुरुआत २००९ में केरल से पड़ चुकी थी । धर्म परिवर्तन का मामला १९९६ से चल रहा है । इसका अनुमोदन केरल की हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में किया था कि ४५ हजार से ज्यादा गैर मुस्लिम लड़कियों का धर्म परिवर्तन और निकाह हुए २००९में ही केरल हाईकोर्ट ने कहां था कि लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने का पहल करे ।

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सवाल यह भी पैदा होता हैं कि पिछली सरकार के दिग्गजों ने आखिर लव जिहाद के मामले को संजिदगी से क्यों नहीं लिया ना ही कानूनी अध्यादेश बनाया । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर पहल किया है । दरअसल अलग–अलग धर्मों को मानने वाले यदि शादी करना चाहते है तो धर्म निरपेक्ष होने के लिए सभी धर्मों से अलगाव बढाÞ कर ही रहे । क्योंकि संविधान और शरीया एक साथ चलते हैं तभी समस्याएं तूल पकड़ती हैं । आखिर कब तक लड़कियों को लव. जिहाद का शिकार बनना पड़ेगा ? पहले की सरकार सियासी चश्मा लगा कर केवल टकटकी लगा कर ही देखती रही है । गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित लव.जिहाद के एक फैसले में अपना मंतव्य जाहिर करते हुए कहां कि दो बालिग लोगों को जीवन साथी का चयन करने की छूट संविधान की धारा २१ अनुच्छेद के तहत जीवन एवं आजादी के परिपेक्ष में है बालिग को हिन्दूं मुस्लिम के रूप में नहीं देखती है । अपनी मजर्Þी से जीवन साथी का चुनाव करने की स्वतंत्रता है । विवाह से पहले धर्म परिवर्तन कई समस्याओं को जन्म देती है । सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक भारत के प्रत्येक व्यक्ति को धर्म को मानना धर्म का प्रचार–प्रसार करने की स्वतंत्रता है । यह अधिकार सभी धर्मों के नागरिकों को बराबरी से है । उत्तर प्रदेश को एक आदर्श बनाने के लिए समय–समय पर ऐसे कानूनों को लागू किया है कि उत्तर प्रदेश नये रूप में उभर रहा है । गौरतलब है कि योगी सरकार ने दो धर्म के लोगों को विवाह करने के लिए किसी तरह का भी विघ्न न हो इसलिए योगी सरकार ने कानूनी अध्यादेश लागू कर दिया है ।

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योगी आदित्यनाथ की सरकार का अध्यादेश

२४ नवबंर को गैर कानूनी धर्मांतरण विधेयक को मंजूरी दिया गया है । इसमें अतंरधार्मिक विवाह पर कोई रोक नहीं लगाई है । सिपÞर्m शादी के लिए धर्म परिवर्तन नहीं होगे । जबरन धर्म परिवर्तन पर ५ साल की सजा होगी । १५००० रूपये का जुर्माना भी लगेगा । ..लड़की बालिग नहीं है और अनूसूचित जाति की है तो लड़के को ३ से १० साल तक की कठोर सजा दी जाएगी । २५००० रुपये का जुर्माना देना होगा । प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के कोर्ट में मुकदमा चलेगा । उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन ने इस विधेयक को पास कर दिया है । अध्यादेश को विधान मंडल के आगामी शीतकालीन सत्र में इससे संबंधित बिल योगी सरकार द्वारा पेश किया जायेगा । योगी सरकार के विघ्न रहित कानून का विरोध..लव जिहाद को समर्थन देने वालो की कोई कमी नहीं है । ऐसे लोगों का मानना है कि प्रेम विवाह के तहत जीवन साथी का चयन करने वालों का मकसद संवैधानिक अधिकार से परे करना है । क्या सरकार ही निश्चित करेगी कि कौन किससे विवाह करेगा । सवाल यह पैदा होता है कि विरोध करके क्या लव जिहाद को बढाÞवा देना नहीं है ? हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि यदि राज्य सरकार चाहे तो लव जिहाद के विरुद्ध कानून बना कर लागू कर सकती है । काबिले गौर है कि बेटियों के हित में उठाए गए कदम से विपक्षी दलों और अन्य संगठनों को नागवार लग रहा है ? धर्मातरण एवं निकाह के बाद बेटियों को तलाक देना एक से ज्यादा विवाह करना ब्रेन वाश करके हत्या कर देना । आतंकवादी दलदल में भेजने का प्रयास करना । फिलवक्त लव जेहाद जैसे मुद्दे भारत से बाहर विदेशों में भी कुकर मुत्तों की तरह पनपने लगे है । क्रिश्चियन समुदाय पैसा देकर हिंदू धर्म के लोगों को अपने धर्म में मिला रही है । नेपाल बंगला देश पाकिस्तान में भी ऐसा हो रहा है । मुस्लिम समुदाय लव जिहाद को इसलिए अंजाम दे रहे हैं कि मुस्लिम राज्य की कल्पना को अपने तरीकÞे से साकार कर सके मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ सके ।

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जहाँ पर ८से १०प्रतिशत तक शरीया लागू कर सके । फिलहाल यूरोप के कई देश लव जिहाद एवं अन्य गतिविधियों के मद्देनजर मुस्लिमों के खिलाफ लामबंद हो रहे हंै । मुसलमानों के लिए आनेवाले आर्थिक सहयोग को अपने देश में आने नहीं देगें । तकरीबन ५ लाख मुसलमानों को यू.ई.ई.अपने देश से निकालने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार हो चुके है । पाकिस्तान तो इस हद तक नीचे गिर गया है कि क्रिश्चियन धर्म परिवर्तित एंव हिंदू धर्म से मुस्लिम धर्म में परिवर्तित लडकियों को चीन भेज रहा है । योगी सरकार बेटियों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प है । उत्तर प्रदेश के लव जिहाद कानूनी अध्यादेश के बाद हरियाणा मध्यप्रदेश उत्तराखंड कर्नाटक राज्य भी इस ओर अग्रसर हो रहे हैं । इसके लिए योगी सरकार को भी अपनी अर्जुनी आँखों को और पैनी करना होगा क्योंकि लव.जिहाद मानसिकता के लोग अपने स्वार्थों की पूर्ति हेतु बेटियों का दोहन न कर सके ।

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