उस स्वर्ग को यहीं उतारा जाय : अलका ‘सोनी’
* अनुसंधान **
नित्य नये अनुसंधानों ने
मिटा डाली हैं दूरियां
नक्षत्रों की,
सिमटा दिया है
विशाल धरा को
ग्रहों में भी जीवन
ढूंढ रहे हो तुम,
नाप लिया है
प्रकाश वर्ष में
सितारों के बीच की
दूरियों को…..
लेकिन क्या
कभी की है कोशिश
दो हृदयों के बीच
आयी दूरियों को
मिटाने की !!
निर्बल और सबल,
निर्धन और सधन के
बीच की खाई को
पाटने की,
उन आकाशीय पिंडों से
ज़्यादा जरूरी है कि
इस धरती को
रहने लायक बनाया जाय
उस स्वर्ग को
यहीं उतारा जाय।

बर्नपुर, पश्चिम बंगाल।


