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अमेरिका ने सऊदी राजकुमार को पत्रकार जमाल खशोगी की तुर्की में हुई हत्या का दोषी बताया

 

अमेरिका ने सऊदी राजकुमार को अमेरिकी पत्रकार जमाल खशोगी की तुर्की में हुई हत्या का दोषी बताया है। अमेरिकी ताजा खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी राजकुमार ने तुर्की में सऊदी दूतावास के अंदर खशोगी की हत्या या बंदी बनाने के ऑपरेशन को मंजूरी दी होगी। इस रिपोर्ट के बाद बाइडन प्रशासन ने शुक्रवार को इस हत्या से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।

हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा कि सऊदी क्राउन प्रिंस पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ सकती है और अंतरराष्ट्रीय आक्रोश भी फैल सकता है। अमेरिका ने दुनिया को यह बताने का संकल्प लिया है कि सऊदी मूल के अमेरिकी पत्रकार की हत्या के पीछे सऊदी राजकुमार की क्या भूमिका रही है।

खशोगी की हत्या 2018 में हुई थी। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि सऊदी अरब के वली अहद ने पत्रकार जमाल खशोगी को पकड़ने या उसकी हत्या करने के अभियान को मंजूरी दी। जारी किए गए नए दस्तावेज में ये बात कही गई है।

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माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद बाइडन प्रशासन पर राजघराने को हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराने का दबाव बढ़ सकता है। दो अक्टूबर 2018 को खशोगी की मौत के बाद अमेरिका में दोनों राजनीतिक पार्टियों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुस्सा जाहिर किया गया था। खशोगी को सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का कड़ा आलोचक माना जाता था।

रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सऊदी के प्रिंस सलमान से शिष्टाचार वार्ता की थी। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से वार्ता के संबंध में जारी बयान में इस दौरान पत्रकार की हत्या का मामला सामने आने का कोई जिक्र नहीं किया गया था। इसमें कहा गया था कि दोनों ने दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी पर चर्चा की।

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इसके साथ बाइडन प्रशासन खशोगी की हत्या के जिम्मेदारी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया है। कुल 76 अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाया गया है। इन पर विदेशों में लोगों को धमकाने का आरोप है। विदेश मंत्री ब्लिंकेन ने इन अफसरों पर वीजा प्रतिबंध लगाने का एलान किया। हालांकि प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

राष्ट्रपति जो बाइडन ने सऊदी शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल-सऊद से फोन पर बात भी की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस फोन वार्ता में क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। बाइडन ने दोहराया कि अमेरिका वैश्विक मानवाधिकारों और कानून के शासन को अहमियत देता है। बाइडन का फोन पर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात न करना भी है क्योंकि सऊदी अरब में वही शासन चलाने की मुख्य भूमिका में हैं। वे शुरू से हत्या में अपनी भूमिका को नकारते रहे हैं। जबकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का कहना था कि 2018 में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने खशोगी की हत्या का आदेश दिया था। यह निष्कर्ष मीडिया रिपोर्ट में सामने आया लेकिन आधिकारिक रूप से इसे कभी भी जारी नहीं किया गया।

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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी से जब पत्रकारों ने पूछा कि यह खुफिया रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका-सऊदी रिश्ते किस तरह से प्रभावित करेगी? तो उन्होंने कहा, ये दस्तावेज मानवाधिकारों के हनन और बोलने की आजादी की कमी के बारे में बताएंगे। उन्होंने कहा, हमारा सऊदी अरब से लंबा रिश्ता है और अमेरिका क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ सऊदी अरब का बचाव करना जारी रखेगा।

 

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