Fri. Oct 9th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

औद्योगिक क्षेत्र बन्द-हडताल मुक्त घोषित

 

बारा-पर्सर्ााौद्योगिक करिडोर को बन्द-हड्ताल मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है। उद्योग, व्यवसायी ओर टे्रड युनियन के बीच हर्ुइ प्रतिवद्धता के अनुसार १९ सूत्रीय सहमति सम्पन्न हर्ुइ है। गृहसचिव नवीनकुमार घिमिरे, श्रम विभाग के महानिर्देशक कृष्णहरि पुस्कर की विशेष उपस्थिति में वीरगन्ज-पथलैया करिडोर में स्थित उद्योगों को निर्वाध रुप में सञ्चालन करने के लिए और रोजगारदाता तथा श्रमिक के बीच सम्बन्ध को सौहार्द्रपर्ूण्ा बनाने के लिए रोजगारादाता का छाता संगठन और श्रमिक के बीच १९ सूत्रीय प्रतिवद्धता पत्र में हस्ताक्षर किए गए हैं। युनाइटेड स्टेट्स इन्स्िटच्युट अफ पिस के सहकार्य तथा रेश नेपाल और वीरगन्ज उद्योग वाणिज्य सघं के संयुक्त आयोजना में ‘औद्योगिक सुरक्षा हमारी साझा प्रतिवद्धता’ कार्यक्रम में उद्योगी वर्ग तथा मजदूर नेताओं के बीच यह सहमति हर्ुइ। सहमति में औद्योगिक क्षेत्र को शान्ति क्षेत्र के रुप में विकसित करने के लिए, उद्योग और श्रमिक बीच सहयोगात्मक सहयोग करते हुए रचनात्मक भूमिका निर्वाह करने के लिए वीरगन्ज से लेकर बारा, पथलैया तक औद्योगिक करिडोर के रुप में घोषित करने के लिए क्रियाशील होने, औद्योगिक प्रतिष्ठान के अन्दर उत्पन्न समस्या निराकरण के लिए व्यवस्थापन और श्रमिक के बीच सहकार्य करते हुए समाधान किया जाएगा। आन्तरिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाए, व्यक्तिगत और सामूहिक मांग को त्रिपक्षीय रुप में समाधान किया जाए, इत्यादि प्रतिवद्धता व्यक्त करते हुए हस्ताक्षर कार्य सम्पन्न हुआ है।
इसी तरह गैरकानूनी रुप में होनेवाले बन्द, हड्ताल को रोका जाए, औद्योगिक प्रतिष्ठान में समस्या उत्पन्न होने पर प्रक्रियागत रुप में समाधान किया जाए, श्रमिकों को कानून सम्मत अधिकार स्थापित कराने के लिए काम, कर्तव्य और अधिकार के प्रति जिम्मेवार बनाया जाए, इन सब बातों की प्रतिवद्धता व्यक्त करते हुए उद्योगी और श्रमिकों के बीच हस्ताक्षर हुआ है।
दोनों पक्ष एक दूसरे का सम्मान करेंगे, ऐसी संस्कृति को विकासित किया जाएगा। किसी के आत्मसम्मान में चोट नपहुँचे, उस किसिम का क्रियाकलाप होना चाहिए, रोजगारदाता द्वारा श्रममैत्री व्यवहार पर््रदर्शन होना चाहिए, और श्रमिक वर्ग अपने को उत्पादनमुखी बनाते हुए उत्पादन वृद्धि में सदैव अग्रसर रहेंगे, सम्झौता में ऐसा उल्लेख किया गया है। कोरिडोर को लोडसेडिङमुक्त क्षेत्र घोषणा कराने के लिए सामूहिक रुप में दवावमूलक कार्यक्रम सञ्चालन किया जाएगा। लेकिन वह कार्यक्रम शान्तिपर्ूण्ा और रचनात्मक होगा। रुग्ण अवस्था में रहे उद्योगों का अध्ययन कर सञ्चालन के लिए सरकार और नेपाल उद्योग वाणिज्य संघ के माध्यम से पहल कराया जाएगा। कोरिडोर में नयाँ उद्योग स्थापना करने के लिए दोनों पक्षों को प्रेरित किया जाएगा। और स्वदेशी श्रमिकों को उच्च प्राथमिकता में रखते हुए काम में लगाया जाएगा। इत्यादि बातों में प्रतिवद्धता व्यक्त की गई है।
गृहसचिव घिमिरे ने कहा- समझौता करनेवाले दोनों पक्ष इमानदारी पर्ूवक सम्झौता का कार्यान्वयन नहीं करेंगे तो समझौता का कोई अर्थ नहीं होगा। लेकिन गृह प्रशासन समझौता कार्यान्वयन के लिए अपनी तरफ से पर्ूण्ा प्रतिवद्ध रहेगा। घिमिरे ने मजदूरों की सुरक्षा विषय को भी सरकार सम्बोधन करेगी और इस समझौते को कार्यान्वयन करने के लिए सरकार तयार रहेगी। श्रम विभाग के महानिर्देशक पुष्कर ने यह समझौता विभाग के लिए बहुत ही महत्वपर्ूण्ा और खुशी की बात बताते हुए इसे श्रम इतिहास में उल्लेखनीय घटना टिप्पणी करते हुए श्रम सम्बन्धी विद्यमान समस्याओं को सम्बोधन करने के लिए विभाग द्रुत गति में कार्य करेगा, ऐसा बताया। कार्यक्रम में वीरगन्ज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष अशोक वैद्य ने वीरगन्ज-पथलैया करिडोर में रही समस्या और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति चिन्ता व्यक्त करते हुए ध्यानाकर्षा कराया था।
सम्झौता में वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ की तरफ से अध्यक्ष अशोक कुमार वैद्य, उपाध्यक्ष प्रदीप केडिया, रोजगारदाता सभापति सुवोध गुप्ता और महासचिव गोपाल केडिया ने हस्ताक्षर किया। और बारा उद्योग वाणिज्य संघ की तरफ से अध्यक्ष विनोद साह ने हस्ताक्षर किया। ट्रेड युनियनों की तरफ से अखिल नेपाल ट्रेड युनियन महासंघ भोजपुरा के संयोजक मिनप्रसाद आपागाई, नेपाल ट्रेड युनियन महासंघ के केन्द्रीय सदस्य कमलेश झा, अखिल नेपाल ट्रेड युनियन क्रान्तिकारी महासंघ भोजपुरा के संयोजक गंगा बस्नेत, नेपाल ट्रेड युनियन कांग्रेस स्वतन्त्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष अमृतलाल जोशी, मधेशी कारखाना फोरम नेपाल लोकतान्त्रिक संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, मधेशी कारखाना फोरम नेपाल के केन्द्रीय अध्यक्ष बिन्देश्वर यादव और स्वतन्त्र प्रजातान्त्रिक ट्रेड युनियन महासंघ के जिला अध्यक्ष राजकपूर चौधरी ने हस्ताक्षर किया।
सीमा में बढÞता आतंक
नेपाल-भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में फिर से बब्लू दूबेका आतंक बढÞता जा रहा है। आर्थिक नगरी वीरगंज लगायत बारा और रौतहट तथा भारत के पर्ूर्वी चम्पारण जिलों में भारतीय अपराधी दूबे गिरोह का आतंक दिन प्रतिदिन बढÞते जा रहा है। पर्ूर्वी चम्पारण के मोतिहारी पुलिस में मोष्टवान्टेड दूबे और उसका गिरोह नेपाल-भारत पुलिस के लिए शिर्रदर्द बनते जा रहा है।
बब्लू दूबे गिरोह ने नेपाल के वीरगन्ज मंे भी फिरौतीे मांग कर फोन आतंक बढÞाया है। मई १८ की सुबह ९ बजे रक्सौल के आपपास में बब्लू दूबे के शागिर्दों ने गोली चलाकर एक व्यक्तिको घायल करनेके बाद उस क्षेत्र में सनसनी फैल गई। रक्सौल के पास आमोदेही स्थित चिमनी भठ्ठे के संचालक द्वारा पाँच लाख रुपैया न दिए जाने के कारण सुबह मोटरसाइकल पर आए दो लोगों ने चिमनी के गार्ड को गोली मारकर घायल किया। उसके बाद बब्लू दूवे के नामका पर्चा फेंक कर वे भाग निकले।
पर्चे में एक ही बात थी- अब सुरक्षा पुलिस के हाथ में नहीं बब्लू के हाथ में है। चिमनी के मालिक हफिज अन्सारी से एक हफ्ता पहले उस गिरोह ने पांच लाख रुपैया मांगा था। रुपैया न मिलने पर उस गिरोह ने गार्ड गंगाबहादुर साहको गोली मार कर घायल कर दिया है। बिहार के पर्ूर्वी चम्पारण जिला, कल्याणपुर थाना के सिसवा पटना निवासी बब्लू भारत में करीब दो वर्षों से आपराधिक घटनाओं को अन्जाम दे रहा था। लेकिन पर्ूर्वी चम्पारण पुलिस द्वारा उसकी खोज में तदारुकता बढÞाने के बाद बब्लू ने अपने लिए नेपाल की सीमा क्षेत्र में सुरक्षित शरणस्थल बना लिया है।
सीमापार में करीब दो वषोर्ं सें श्रृंखलाबद्ध अपराधों के पर्याय बने दूबे ने वीरगन्ज के व्यापारियों को दो महीने से फोन आतंक द्वारा सताना शुरु किया है। इस तरह गत ६ महिनों से सीमावर्ती पर्ूर्वी चम्पारण में और नेपाल में बब्लू गिरोह का आतंक बढÞने पर बिहार पुलिस ने बब्लू को गिरफ्तार करने लिए नेपाल पुलिस को बार बार अनुरोध किया है। नेपालको सुरक्षित वासस्थान के रूप में प्रयोग करके फोन की धमकी देकर रक्सौल के उद्योगी, व्यापारी ठेकेदार सब को आतंकित किया गया है।
नेपाली मोबाईल नं ९८११८५९१७३, ९८१४२७४२१९, ९८४६०४२०२६ से बब्लू गिरोह की धमकी उद्योगी और व्यापारी को दी जा रही है। पर्सर्ााजला पुलिस ने बताया है कि नेपाल पुलिस को प्राप्त मोबाइल नम्बरों के बारे में अनुसन्धान हो रहा है। पर्सर्ााे एसपी पीताम्बर अधिकारी ने कहा है- सीमावर्ती क्षेत्र में अपराध नियन्त्रण के लिए नियमित रूप से सूचना आदान-प्रदान हो रही है। विगत एक वर्षसे नेपाल के बारा, पर्सर्ाारौतहट तथा भारत के पर्ूर्वी चम्पारण क्षेत्र में आपराधिक समूह संगठित रुप में सञ्चालित हैं। नेपाल के लोगों को अपहरण कर पर्ूर्वी चम्पारण में रखकर फिरौती लेना, उसी तरह नेपाल में रह कर भारतीय लोगों को फोन में धमकी देकर पैसा वसूलना, ऐसे अपराधों में तीव्रता आई है।
खास कर नेपाल की आर्थिक नगरी वीरगंज में आपराधिक गतिविधि पर्ूण्ा रूप से निर्मूल न होने के कारण अपराधिक घटनाएँ बढÞ रही हैं। सीमा में सक्रिय अपराधी समूह का तार रौतहट जिला में जा कर जुट रहा है।
सडक निर्माण में व्यापक भ्रष्टाचार
जिला विकास समिति पर्सर्ााे कार्यालय में सडÞक निर्माण कर रहे ठेकेदार के विषय में बार बार शिकायत करने पर भी सुनवाई न होने पर वीरगंज के मुरलीवासियों ने पप्पु कन्ट्रक्सन के ९ टि्रपर को नियन्त्रण में लेकर स्थानीय प्रशासन पर कारवाही के लिए दबाव दिया है।
पर्सर्ााे पोखरियाँ-भिस्वा सडक खण्ड में पप्पु कन्स्ट्रक्सन ने ग्राभेल करते समय बालु की मिलावट आवश्यकता से बहुत ज्यादे करने पर विरोध स्वरुप टि्रपर को घेरने के लिए लोग बाध्य हुए। करीब १४ किलोमिटर लम्बी सडÞक को ग्राभेल करने का ठेक्का पप्पू कन्ट्रक्सन ने लिया है। ग्राभेल के बदले मिट्टी और बालु की मात्रा बहुत ज्यादा प्रयोग किया गया है, ऐसा गाँववासियों का आरोप है।
सम्झौते के अनुसार ८५ प्रतिशत ग्राभेल और १५ प्रतिशत बालू और मिट्टी भरने का ठेक्का उक्त कन्ट्रक्सन ने जिला विकास समिति से लिया है। लेकिन काम में ठेकेदार ने ठीक उल्टा किया है। जिला विकास समिति पर्सर्ााे डिभिजनल इन्जिनियर द्वारा ठेकेदार को बार बार कार्यसुधार के लिए आग्रह करने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ। इसलिए विवश होकर गाँव वालों ने टि्रपर का घेराव किया। जिला विकास समिति पर्सर्ााे इन्जिनियर, ठेकेदार और आरएआईडीपी के प्रतिनिधि सम्मिलित प्राविधिक टोली ने सडक निर्माण कार्य का स्थलगत मुआयना करने के बाद गाँववालों को निर्माण कार्य में हर्ुइ अनियमितता के विरुद्ध काम करने का आश्वासन दिया है। मुआयना करने पर काम में पर्ूण्ा रुप में अनियमितता हर्ुइ है, इसे अधिकारियों ने स्वीकारा है।
इस बात को निर्माण कम्पनी के साझेदार हरिनारायण रौनियार ने भी अधिकारियों के समक्ष स्वीकार किया है। रौनियार ने कहा- गाँववासियों का आरोप सही है। काम में हमारे लोगों से गलती हर्ुइ है। मेरी अनुपस्थिति में ऐसा हुआ है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अनुगमन में जिविस के इन्जिनियर विपिन पाण्डे, आरएआइडीपी श्यामसुन्दर मिश्र, ठेकेदार कम्पनी के साझेदार हरिनारायण रौनियार के अलावा स्थानीयवासियों की भी सहभागिता थी। अनुगमन टोली के संयोजक सर्ुदर्शन श्रेष्ठ ने ठेकेदार के विरुद्ध कडी कारवाही करने का आश्वासन दिया है। पप्पु कन्ट्रक्सन के साझेदार हरिनारायण रौनियार पुल निर्माण कार्य में पहले भी कारवाही में पडÞ चुके हैं। लेकिन वे ‘क’ वर्ग के ठेकेदार हैं। मन्त्रालय में उनकी अच्छी पकडÞ होने से उनकी ठेकेदारी चल रही है। दूसरी तरफ इस घटना ने साबित कर दिया है कि वर्तमान सरकार भी विगत की सरकारों से किसी माने में अलग नहीं है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com