प्रधानमन्त्री ओली भ्रष्टाचार और पार्टी विभाजन के लिए क्रियाशीलः रावल

काठमांडू, २६ मार्च । नेकपा एमाले के उपाध्यक्ष भीम रावल ने दावा किया है कि प्रधानमन्त्री भी रहे पार्टी अध्यक्ष केपीशर्मा ओली पार्टी विभाजन के लिए क्रियाशील हैं । पार्टी की ओर से पूछे गए स्पष्टीकरण को १४ सूत्रीय लिखित जवाफ देते हुए उपाध्यक्ष रावल ने ओली को ही पार्टी विभाजन संबंधी क्रियाकलाप करने का आरोप लगाए हैं ।
नेता रावल का यह भी आरोप हैं कि प्रधानमन्त्री ओली द्वारा सर्वोच्च अदालत का फैसला भी अनदेखा हो रहा है, पार्टी की नीति–नियम और विधान उलंघन हो रहा है । उन्होंने अपने स्पष्टीकरण पत्र में प्रधानमन्त्री ओली से पूछा है– ‘फाल्गुन २३ गते सर्वोच्च अदालत ने नेकपा एमाले को पुनर्जिवित किया, उसके बाद पार्टी की ९वें महाधिवेशन से विधिवत निर्वाचित केन्द्रीय कमिटी बैठक बुलाकर पार्टी को एकताबद्ध बनाकर लाने की जिम्मेदारी आप की थी । पार्टी अध्यक्ष की हैसियत से क्या आप ने ऐसा किया ? नहीं किया ।’
इसीतरह उपाध्यक्ष रावल ने प्रधानमन्त्री ओली के ऊपर १८ करोड रुपये का भ्रष्टाचार आरोप भी लगाए हैं । उनका कहना है कि माओवादी केन्द्र के साथ सम्पन्न पार्टी एकता के बाद पार्टी कार्यालय में संचित १८ करोड से अधिक रुपये का हिनामिना प्रधानमन्त्री ओली ने किया है । इसीतरह सूदूरपश्चिम प्रदेश कार्यालय में रहे ३० लाख रुपये का अनियमितता का आरोप भी प्रधानमन्त्री के ऊपर लगाया गया है ।

