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भारत और नेपाल में प्रसिद्ध मिथिला परिक्रमा का भब्य स्वागत

 

नवीन नवल । जलेश्वर नेपाल । विश्व प्रसिद्ध मिथिला परिक्रमा का स्वागत बुधवार को नेपाल के जलेश्वर में किया गया ।
133 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा का मिथिला मध्यमा परिक्रमा जनकपुरधाम से 13 मार्च को सुरु हुवा,जो 15 दिनों में कुल नेपाल भारत के तेरह स्थलों पर विश्राम करते हुवे 28 मार्च पूर्णिमा के दिन जनकपुर अन्तरगृह परिक्रमा के साथ सम्पन्न होगा। यह परिक्रमा बिहार के मधुबनी जिले के कल्याणेश्वर, फुलहर ,करुणा,बिशोल सहित 28 किलोमीटर विहार के एवं नेपाल के 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुवे समाप्त होता है।
इस यात्रा में भारत के उत्तरप्रदेश गुजरात मध्यप्रदेश महाराष्ट्र बंगाल के साधु संत के अलावे बिहार नेपाल के गिरहस्तों की संख्या लाखों में रहता है।
इसकी धार्मिक मान्यता यह है कि त्रेतायुग में भगवान राम और सीता द्वारा यह परिक्रमा किया गया था।
उसको मानते हुवे सैकड़ों साल से साधु संत महंत और गिरहस्त यह परिक्रमा भ्रमण करते आ रहे है। परिक्रमा बुधवार को जलेश्वर में पहुचने पर स्वर्गीय परशुराम साह मिथिला परिक्रमा एवं जनकपुर स्थित रामजानकी मंदिर धर्म संस्था द्वारा भब्य स्वागत किया गया।
जानकारी हो की स्वागत में गांजे बाजे और झण्डा के साथ संस्था के अध्यक्ष रेणु साह, शचिव गोपाल साह के अगुवाई में क्षेत्रीय विधायक रानी शर्मा तिवारी,मेयर शंकर शाही,उप मेयर मुनचुन देवी के साथ मिथिला बिहारी का डोला भागेश्वर कुटी से बैनर,झण्डा एवं जयकारा के साथ परिक्रमा विश्राम स्थल तक पहुचाया गया।
परिक्रमा में पहुचने वाले साधु संत और गिरहस्त को लगभग सैकड़ो मन चावल,दाल और जलावन बांटा गया।
परिक्रमा स्थल पर जलेश्वर नगरपालिका के द्वारा पानी विजली सुरक्षा सहित समुचित व्यवस्था की गई थी।

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