बीस से बढ़कर क्यों इक्कीस : मंजू उपाध्याय
बीस से बढ़कर क्यों इक्कीस
बीस से बढ़कर क्यों इक्कीस ,
कुछ तो कृपा करो जगदीश।
तुम सबके रखवाले हो,
फिर क्यों, हमें सताते हो।
सारा जग है तुझमें समाया,
कृपा करो तुम हे जगराया ।
तुम सबकी बिगड़ी बनाते,
और कभी न तुम जतलाते ।
फिर क्यों तुम रूठे बैठे हो,
अपनी शक्ति अब तो दिखलाओ ,
हम सब पर कृपा बरसाओ।
हम बेबस और हैं लाचार ,
आओ लुटाओ अपना प्यार।
सारे जग का करो कल्याण ,
हे ईश्वर हे कृपा निधान।
सब कुछ पहले जैसा कर दो,
सब की झोली में खुशियां भर दो ।
कुछ ऐसा तुम अब कर जाओ,
इस महामारी से मुक्ति दिलाओ ।
हम सब की है यही कामना
अब तो मिटाओ जग से कोरोना
कुछ तो कृपा करो जगदीश ।

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