वार्ताएं दैनिक जीवन में संरचनात्मकता
भारतीय राजदूतावास और वीपी कोइराला भारत-नेपाल फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘भ्वायसेज’ का प्रथम संस्करण वार्तालापः ‘दैनिक जीवन में संरचनात्मक’ वरिष्ठ भारतीय फोटोग्राफर रघुराँय द्वारा नेपाल-भारत पुस्तकालय भवन में सम्पन्न हुआ। फाउंडेशन के सचिव अभय कुमार ने स्रोताओं का स्वागत एवं रघु राँय का परिचय प्रस्तुत किया।
रघु रायँ ने प्रस्तुत ‘दैनिक जीवन में रचनात्मकता’ के बारे में बोलते हुए अपने जीवन, कैरियर, अपने सपने, विश्वास तथा नेपाल और भारत जैसे देशों की मूल्य-मान्यताओं की चर्चा की। फोटो पत्रकार अपना काम करे समय भौगोलिक, राजनैतिक, धार्मिक सभी मान्यताओं से ऊपर उठ कर अपना कार्य सम्पादक कैसे करता है, यह मशहूर फोटो पत्रकार राँय ने बताया। १९६र्५र् इ. से फोटो पत्रकारिता शुरु करनेवाले राँय को भारत सरकार द्वारा ‘पद्म श्री’ से नवाजा गया है। 
समारोह में भारतीय राजदूत जयन्त प्रसाद की भी सहभागिता थी और उन्होंने कहा- रघु राँय की देन भारतीय मीडिया में तो उल्लेखनीय है ही, विदेशों में भी इनकी ख्याति है।
तकरीवन ३६ पुस्तकों के रचयिता रघु राँय को भारतीय दूतावास काठमांडू ने वीपी कोइराला भारत-नेपाल फाउंडेशन ने ‘नेपाल फोटो प्रतियोगिता ०६९’ में जुरी के रुप में आमन्त्रित किया था। यह प्रतियोगिता फोटो पत्रकार क्लब नेपाल द्वारा आयोजित थी।

