भ्रष्टाचार के लिए प्रमुख जिममेदार कर्मचारी हैंः मुख्यमन्त्री राउत

काठमांडू, २० सितम्बर । प्रदेश नं. २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत ने कहा है कि कर्मचारियों की सहयोग बिना कई भी भ्रष्टाचार होने की संभावना नहीं है, इसीलिए सुशासन के लिए कर्मचारी को ही ईमानदार होन चाहिए । प्रदेश तथा स्थानीय शासन सहयोग कार्यक्रम अन्तर्गत सोमबार महोत्तरी जिला स्थित बर्दिबास में आयोजित ‘स्थानीय तह की संस्थागत स्वमूल्यांकन सम्बन्धी समीक्षा एवं अनुशिक्षण’ कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
मुख्यमन्त्री राउत ने कहा कि किसी भी कार्यालय में जनप्रतिनिधि निश्चित अवधि के लिए ही रहते हैं, लेकिन कर्मचारी लम्बे समय तक रहते हैं । उन्होंने आगे कहा– ‘अगर कर्मचारी नहीं चाहते हैं तो अनियमितता नहीं हो सकता । इसीलिए सुशासन कायम करने की दायित्व कर्मचारियों के ही हाथ में है ।’ उन्होंने कहा कि प्रदेश नं. २ में भ्रष्टाचार अन्त करने के लिए जनलोकपाल आयोग गठन किया गया है । उन्होंने कहा– ‘अब अनियमितता करनेवाले हर किसी को कारवाही हो सकती है । इसीलिए सचेत रहने के लिए आग्रह करता हूँ ।’
मुख्यमन्त्री राउत का मानना है कि सुशासन के लिए प्रथम पहल स्वमूल्यांकन है । स्वमूल्यांकन को प्राथमिकता में रखने के लिए भी उन्होंने स्थानीय तह के प्रशासकीय अधिकृत को निर्देशन दिया ।

