हुम्ला में नेपाल–चीन सीमा पर समस्या हैः अध्ययन समिति
वर्तमान देउवा सरकार ने चीन के कब्जे वाले मामले की जाँच के लिए एक हाईलेवल कमिटी का ऐलान किया था। यह कमिटी अपनी रिपोर्ट सौंप दी है | चीन द्वारा नेपाली जमीन अतिक्रमण का मामला की पुष्टि हो चुकी है | हलाकि यह रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है | लेकिन बतया जाता है कि नेपाल चीन सीमा विबादित जरुर है |
नेपाल–चीन सीमा समस्या संबंधी अध्ययन के लिए गृह मन्त्रालय के सह–सचिव जयराज आचार्य के नेतृत्व में निर्मित समिति ने अपना अध्ययन प्रतिवेदन सरकार को हस्तान्तरण किया है । आइतबार समिति ने गृहमन्त्री बालकृष्ण खाँड के समक्ष प्रतिवेदन पेश किया है । प्रतिवेदन का निष्कर्ष है– नेपाल और चीन सीमा में समस्या है, निरीक्षण समूह और विज्ञ समूह मार्फत् समस्या का समाधान करना होगा ।’
स्मरणीय है, सरकार ने गत भाद्र १६ गते सह–सचिव आचार्य के नेतृत्व में एक समिति बनाई थी । हुम्ला जिला नाम्खा गांवपालिका स्थित लिमी–लाप्सा से हिल्सा तक की सीमा क्षेत्र अध्ययन की जिम्मेदारी समिति को दी गई थी । अध्ययन टोली में नापी विभाग के उपमहानिर्देशक सुशील डंगोल, नेपाल पुलिस के वरिष्ठ उपरीक्षक उमेशराज जोशी, सशस्त्र पुलिस के वरिष्ठ उपरीक्षक प्रदीपकुमार पाल और राष्ट्रिय अनुसन्धान विभाग के सह–अनुसन्धान निर्देशक किशोरकुमार श्रेष्ठ सदस्य रहे थे ।
समिति ने उक्त क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, भौतिक पूर्वाधार और सीमा संबंधी विषय को समेटकर प्रतिवेदन तैयार की है । समिति द्वारा पेश प्रतिवेदन ग्रहण करते हुए गृहमन्त्री खाँड ने कहा कि प्राप्त सुझाव को प्राथमिकता के साथ कार्यान्वयन करने के लिए सरकार तैयार है । गृहमन्त्री खाँड ने विकट स्थान पहुँच कर अनुसंधान कार्य सम्पन्न के लिए अध्ययन समिति को धन्यवाद भी ज्ञापन किया है ।


