जव तक समाज संगठित नहींहोगा हम आगें नहीं बढ सकते हैं : रघुबीर महासेठ

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर । जव तक बैश्य समाज संगठित नहीं होगा समाज किसी भी क्षेत्र में आगे नहीं बढ सकता हैं। बैश्य समाज में शिक्षा का विकास हुआ हैं लेकिन हम राजनीति में काफी पीछे हैं इसका एक मात्र कारण हैं हम आपस में बंटे हुए हैं। जव तक सभी बैश्य उप जाति के बीच बेटी रोटी का संबंध नहीं होगा।उपरोक्त बातें पूर्व उप प्रधान मंत्री तथा एमाले के बरिष्ठ नेता रघुवीर महासेठ ने नेपालवैश्य युवा संघ प्रदेश कार्य समिति प्रदेश नं 2 द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जनगणना2078में वैश्य जाति की अवस्था बिषय पर विचार गोष्ठी तथा दीपावली तथा छठ पर्व के अवसर पर शुभकामना आदान प्रदान कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि पद से वोलते हुए कहा।रघुवीर महासेठ ने आगे कहा राजनीति के लिए एकता की जरुरी हैं।हम एक ही उप जाति से हम चुनाव नहीं जीत सकते हैं।उन्होने कहा कि हम अपने बच्चों को शिक्षित करें। दहेज प्रथा, अंध विश्वास को हटावें।आगामी दिनों में होने वाले जनगणना में किसी उप जाति का उल्लेख नहींकरके सिर्फ बैश्य लिखावें।इसके लिए जनचेतना लाना होगा।इस कार्यक्रम अखिल भारतीय कलवार महा सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा चौधरी ने कहा कि सभी बैश्य के उप जाति आपस में वैवाहिक संबंध स्थापित करें।नेपाल भारत के बैश्य एक दुसरे संबंध स्थापित करें।एक दुसरे को सुख दुख में साथ दें।
इस कार्यक्रम में सीतामढी से आयी राजद नेत्री तथा पार्टी के महिला प्रकोष्ट के प्रधान महासचिव सीमा गुप्ता ने कहा कि भारतीय बेटी की शादी के साल भर केभीतर नागरिकता दें।सात साल के बादनागरिकता देने की परंपरा को संविधान संशोधन करके खारिज करें।इस अबसर पर नेपाल वैश्य युवा संघ के राष्ट्रीय अयक्ष दिलीप चन साह ने जनगणना में बैश्य लिखाने पर फायदा के वारें में जानकारी दीं।प्रदेश दो नेपाल युवा संघ के अध्यक्ष राजू कुमार साह की अध्यक्षता में संपन्न इस कार्यक्रम में विधायक तथा लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी नेपाल के सचेतक परमेश्वर साह,विधायक दिलीप साह,पूर्व मंत्री अरविंद साह, नेपाल बैश्य कल्याण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर नाथ गुप्ता,नेपाल बैश्य कल्याण संघ के बरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश.साह,
सत्य नारायण साह ,प्रदेश दो उद्योग बाणिज्य संघ केअध्यक्ष शिव शंकर साह हीरा सहित कई लोगो ने विचार रखें।अतिथियो को स्वागत सुनीता रौनियार ने किया तथा मंच संचालन पत्रकार पूरण साह रौनियार ने किया।

