धनतेरस एवं दीपावली में मिट्टी के दीप का आध्यात्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार पंचतत्वों से बने मिट्टी के दिये का धनतेरस और दीपावली के दिन विशेष महत्व है। पंचतत्वों में बने मिट्टी के दियों से पूजन अच्छा माना जाता है। इससे इंद्र और लक्ष्मी की विशेष प्रसन्नता होती है। पृथ्वी, जल, अग्नि,अकाश और वायु इन पंचतत्वों से सृष्टि का निर्माण हुआ है। इसलिए मिट्टी के दीपक का आध्यात्मिक रुप से अत्यंत महत्व है। दीपावली पर सरसों के तेल से मिट्टी का दीपक जलाने से लक्ष्मी आकर्षित होती है। ग्रन्थो के अनुसार दीपक का वैज्ञानिक महत्व :-
मिट्टी के दीपक में सरसों के तेल जलने से जो गंध निकलती है वह रोग कारक वेक्टीरिया को खत्म करें की क्षमता रखती है।
यह वातावरण को शुद्ध भी करती है।
मिट्टी के दीपक का प्रयोग करने के बाद यह वापस मिट्टी में मिल जाता है।
यह बिल्कुल प्रदूषण रहित होता है।
दीपावली में स्वच्छता के लिए इसका विशेष महत्व है।
अतः हम सभी को प्रदूषण रहित स्वच्छ दिपावली मनानी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार
दीपदान में ये 15 तरह के दीपक हर तरह के कष्टों को दूर कर देने में सक्षम होते हैं।
दीपावली पर अकसर चारों ओर दीपक जलाए जाते हैं, हालांकि सभी घरों में दीपावली के अलावा प्रतिदिन पूजाघर में दीपक जलाए जाने का प्रचलन है। दीपक जलाना बहुत ही शुभ होता है।
इसको जलाने के कई तरह के कष्ट दूर होते हैं दीपक के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां:-
दीपक कई प्रकार के होते हैं, जैसे चांदी के दीपक, मिट्टी के दीपक, लोहे के दीपक, ताम्बे के दीपक, पीतल की धातु से बने हुए दीपक तथा आटे से बनाए हुए दीपक। दीपावली पर मिट्टी के दीपक ही जलाने का महत्व है।
1. आटे का दीपक
किसी भी प्रकार की साधना या सिद्धि हेतु आटे का दीपक बनाते हैं और इसे ही पूजा करने के लिए सबसे उत्तम मानते हैं।
2. घी का दीपक
आर्थिक तंगी से मुक्ति पाने के लिए रोजाना घर के देवालय में शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं। आश्रम तथा देवालय में अखंड ज्योत जलाने के लिए भी शुद्ध गाय के घी का या तिल के तेल का उपयोग किया जाता है।
3. सरसों के तेल का दीपक
शत्रुओं से बचने के लिए भैरवजी के यहां सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए भी सरसों का दीपक जलाते हैं।
4. तिल के तेल का दीपक
शनि ग्रह की आपदा से मुक्ति हेतु तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इससे देवी-देवता भी प्रसन्न होते हैं।
5. महूए के तेल का दीपक
पति की लंबी आयु की मनोकामना को पूर्ण करने के लिए घर के मंदिर में महुए के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
6. अलसी के तेल का दीपक
राहु और केतु ग्रहों की दशा को शांत करने के लिए अलसी के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
7. चमेली के तेल से भरा तिकोना दीपक
संकटहरण हनुमानजी की पूजा करने के लिए तथा उनकी कृपा आप पर सदैव बनी रहे, इसके लिए तीन कोनों वाला दीपक जलाना चाहिए।
8. तीन बत्तियों वाला घी का दीपक
गणेश भगवान की कृपा पाने के लिए रोजाना तीन या पांच बत्तियों वाला घी का दीपक जलाना चाहिए।
9. चार मुख वाला सरसों के तेल का दीपक
भैरव देवता को प्रसन्न करने के लिए चार मुख वाला सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इस उपाय को करने से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
10. पांच मुखी दीपक
किसी केस या मुकदमे को जीतने के लिए भगवान के आगे पांच मुखी दीपक जलाना चाहिए। इससे कार्तिकेय भगवान प्रसन्न होते हैं।
11. सात मुखी दीपक
माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा घर पर बनी रहे, इसके लिए हमें उनके समक्ष सात मुख वाला दीपक जलाना चाहिए। दीपावली पर यह कार्य अवश्य कीजिए।
12. आठ या बारह मुख वाला दीपक
शिव भगवान को प्रसन्न करने के लिए घी या सरसों के तेल का आठ या बारह मुख वाला दीपक जलाना चाहिए।
13. सोलह बत्तियों का दीपक
विष्णु भगवान को प्रसन्न करने के लिए इनके समक्ष रोजाना सोलह बत्तियों का दीपक जलाना चाहिए। दशावतार की पूजा हेतु दशमुख वाला दीपक जलाएं।
14. गहरा और गोल दीपक
ईष्ट सिद्धि के लिए या ज्ञान प्राप्त करने के लिए एक गहरा और गोल दीपक प्रज्वलित करें।
15. मध्य से ऊपर की ओर उठा हुआ दीपक
शत्रुओं से बचने या किसी भी आपत्ति के निवारण के लिए मध्य से ऊपर की ओर उठे हुए दीपक का प्रयोग जलाने के लिए करना चाहिए।
*धनतेरस एवं दीपावली पूजन से माता लक्ष्मी सबको उत्तम सुख सौभाग्य, आयु आरोग्यता सम्पन्नता एवं सम्पूर्ण प्रसन्नता प्रदान करें।*
आपके धनतेरस और दीपावली पूजन के साफल्यता लिए हमारी हार्दिक शुभकामना…
*✍🏻 ज्योतिषाचार्य*
*आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
*🌹शुभम बिहार यज्ञ ज्योतिष आश्रम*🌹*
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