Sun. May 3rd, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

अचानक मिला ‘सोने का द्वीप’ लोगों को मिल रहे सोने के जेवर, अंगूठियां, बौद्ध मूर्तियां

 

 

दुनिया में सोने की चीजें काफी महंगी और आकर्षित मानी जाती हैं। सोचिए अगर किसी नदी से लगातार सोना निकलने लगे तो शायद यह सबसे बड़ा अजूबा होगा। ऐसा ही एक मामला इंडोनेशिया से सामने आया है जहां पर अचानक एक ‘सोने का द्वीप’ उभर गया है। यहां से लोगों को सोने के जेवर, अंगूठियां, बौद्ध मूर्तियां और कीमती सिरेमिक बर्तन मिल रहे हैं।

दरअसल, यह मामला इंडोनेशिया के पालेमबैंग प्रांत का है। ‘द साइंस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां स्थित मूसी नदी में काफी समय से गायब एक द्वीप दिखा है। नदी की तलहटी से सोने के आभूषण और कीमती वस्तुएं मिल रही हैं। यह सब तब हुआ जब मूसी नदी से निर्माण कंपनियां रेत निकाल रही हैं और रेत के साथ कीमती वस्तुएं भी बाहर आ रही हैं। इस जगह को इंडोनेशिया के प्राचीन इतिहास में श्रीविजया शहर कहा जाता था. पुराने समय में यह बेहद रईस शहर हुआ करता था।

यह भी पढें   हमारा इरादा पैसा कमाना नहीं है – रवि लामिछाने

यह द्वीप मूसी नदी की तलहटी में मिला है। गोताखोर लगातार नदी की तलहटी से सोने के आभूषण, मंदिर की घंटियां, यंत्र, सिक्के, सिरेमिक बर्तन और बौद्ध मूर्तियां निकाल रहे हैं। अब तक गोताखोरों को सोने की तलवार, सोने और माणिक से बनी अंगूठी, नक्काशीदार जार, वाइन परोसने वाला जग और मोर के आकार में बनी बांसूरी मिली है।

मरीन आर्कियोलॉजिस्ट सीन किंग्सले ने कहा कि श्रीविजया को खोजने के लिए सरकार की तरफ किसी तरह का खनन कार्य नहीं किया गया है। न तो नदी के अंदर न ही उसके आसपास। जितने भी आभूषण या कीमती वस्तुएं इस नदी से निकलीं, उन्हें गोताखोरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले निजी लोगों को बेंच दिया।

यह भी पढें   विराटनगर के एवरेस्ट स्कूल के छात्र स्पेन में करेंगे देश का प्रतिनिधित्व, ईएमयूएन में भागीदारी

इतिहासकारों का मानना है कि श्रीविजया शहर के घर नदी के ऊपर लकड़ियों के खंभों पर बनाए जाते थे। घर भी लकड़ी के ही होते थे। इस तरह के घर आज भी इंडोनेशिया के कई इलाकों में देखने को मिल जाते हैं। इससे पहले श्रीविजया शहर साल 2011 में मूसी नदी से बाहर निकला था। तब नदीं में पानी कम था।

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *