देउबा के नेतृत्व में नेपाल भारत संबंध सुधार की ओर

शेर बहादुर देउबा के प्रधानमंत्री बनने के बाद नेपाल और भारत के संबंधों में एक बार फिर से गर्माहट पैदा हुई है। सरकार अब भारत के साथ संबंधों को फिर से मजबूती लाने और आपसी विश्वास बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है । दोनों देशों के संबंधों में मुश्किल तब पैदा हुई जब 2015 में नेपाल ने नया संविधान बनाया। इसके कई बिंदुओं को लेकर भारत की असहमति थी। बाद में नेपाल की चीन से बढ़ती नजदीकी ने भी उसके भारत के साथ संबंधों पर असर डाला।
देउबा सरकार ने नई दिल्ली के साथ रिश्तों में आई दूरी को कम करना शुरू किया। देउबा सरकार के अधिकारियों ने कई तरीके से भारत के साथ संबंध बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। नेपाली कांग्रेस के दिसंबर में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले देउबा ने भारत से सहयोग की अपेक्षा की है।

