३०वाँ वेपत्ता दिवस मे वेपत्ता परिवार व्दारा ज्ञापन पत्र
कैलास दास,जनकपुर, ३० अगस्त। ३० वाँ अन्तर्राष्ट्रिय बेपत्ता दिवस शुक्रवार को जनकपुर सहित देशभर में विभिन्न कार्यक्रम के साथ मनाया गया है ।
धनुषा के बेपत्ता पीडित परिवारों ने इस अवसर पर जिल्ला प्रशासन कार्यालय धनुषा मार्फत मन्त्रीपरिषद कार्यालय को ज्ञापनपत्र दिया है । निमित्त सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकरी हरी प्रसाद बास्तोला को ज्ञापनपत्र बुझाते हुए पीडित परिवारों ने वेपत्ता किये गये व्यक्तियों को सर्वजनिक करने की माँग की है ।
पीडित परिवार में विमला देवी सुरक्षाकर्मी द्वारा धनुषा के धारापानी मे शव उत्खनन किया गया डिए न ए टेस्ट के रिपोर्ट सार्वजनिक की माँग की है । धारापानी मे संयुक्त रुपमे हत्या किया गया डिएनए टेस्ट के लिए फिनलैण्ड मे रिपोर्ट पठाने के बाद भी अभी तक उसका रिपोर्ट नही आया आरोप लगाया गया है ।
हत्या हुये १० वर्ष हो चुका है परन्तु पीडित परिवार राज्य से लास और साँस बारबार माँगने के बाद भी राज्य मौन रही इस अवसर पर उल्लेख कीया गया है ।
२०६० आसिन २१ गते जनकपुर नगरपालिका ४ स्थित कटैया चौर से लापता किये गये संजीव कुमार कर्ण दिपु, दुर्गेश लाभ, जितेन्द्र झा, प्रमोद नारायण मण्डल और शैलेन्द्र यादव के साथ ही २०६० आसिन २५ गते मनोज दत्त और रामचन्द्र लाल कर्ण को राज्य द्वारा वेपत्ता किया गया पीडित परिवारों ने आरोप लगया है । उसी प्रकार २०६१ अगहन ५ गते बेंगाडाबर ९ के अमर विक को ललितपुर से वेपत्ता किया गया था ।
२०६३ कार्तिक २ गते और २०६३ अखार २५ गते जिल्ला प्रहरी कार्यालय धनुषा मे किटानी जाहेरी देने के बाद भी अभी तक किसी प्रकार की सुनुवाई नही होने पर पीडित ने आक्रोश व्यक्त की है 
एड्भोकेसी फोरम धनुषा, ओरेक धनुषा, भूमिजा मानवअधिकार संघ जनकपुरक संयुक्त आयोजना मे जिल्ला प्रशासन मे धर्ना दिया गया था । धर्ना तथा प्रदर्शन मे विमलादेवी, इन्दिरा झा, गायत्री देवी, अंजु दत्त, तुलामान विक, जिवछी देवी, बौवेलाल यादव, उमा दत्त, प्रमोद कर्ण और फुलमाया विक सहित की उपस्थिति थी ।

