“मधेश प्रदेश” नामकरण के लिये बहुमत से 8 मत दूर, बॉल माधव नेपाल समूह के कोट में

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । नेपाल में सात प्रदेश गठन हो चुका हैं। प्रदेश दो के नाम तथा स्थायी राजधानी प्रदेश सभा से दो तिहाई से पारित होना हैं। प्रदेश सभा के कई बैठक संपन्न हुयी लेकिन अव तक सहमति नहीं बन पायी हैं। लेकिन अव आशा की किरण जगी हैं। नेपाली कांग्रेस प्रदेश दो का नाम मिथिला,भोजपुरा प्रदेश के पक्ष में अडिग हैं। वहीं विभाजन से पूर्व के नेकपा एमाले जानकी प्रदेश के पक्ष पर अड़ान पर थे। वहीं मधेशवादी दल लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी तथा जनता समाजवादी पार्टी तथा माओबादी केन्द्र मधेश प्रदेश पक्ष में वकालत कर चुके हैं। इस के लिए जसपा माओवादी से मिलकर मधेश प्रदेश का समर्थन दिए है। प्रदेश सभा में 104 प्रदेश सांसद हैं। वहुमत के लिए 70 प्रदेश सांसद चाहिए।
जसपा ,लोसपा तथा माओवादी केन्द्र के कुल 62प्रदेश सभा सांसद का वहुमत है। 8सांसद चाहिए। विभाजन के बाद एमाले के 8, नेपाली कांग्रेस के19, नेकपा एकीकृत समाजवादी के 13 तथा नेपाल संघीय समाजवादी का 1 प्रदेश सभा सांसद हैं। सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार नेकपा एकीकृत समाजवादी पार्टी अभी खुलकर अपनी धारणा नहीं रख रहे हैं। हांलाकि इस पार्टी के कई प्रदेश सांसद मधेश प्रदेश के पक्ष में निजी राय रख चुके हैं। अव गेंद का पाला उसी के पक्ष में हैं। जनकपुरधाम राजधानी बने इसमें सभी पार्टी की एक राय हैं। अव देखना है प्रदेश दो शव्द इस सत्र में लुप्त होता हैं या फिर बीरबल की खिचड़ी पकती हैं!

